देहरादून: राजपूत संगठन करणी सेना ने मंगलवार को एक बार फिर विवादास्पद फिल्म 'पद्मावत' के निर्माताओं को 25 जनवरी को फिल्म रिलीज करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

बता दें कि फिल्म का नाम बदलने के बाद इसके प्रदर्शन को लेकर हरी झंडी दे दी गई है। वहीं कथित तौर पर राजपूत नेता सुखदेव सिंह गोगामेडी ने कड़े शब्दों में धमकी दी है। उनके मुताबिक नाम बदलने से कुछ नहीं बदला है। उन्होंने दलील दी कि नाम से सबकुछ हो जाता तो पेट्रोल का नाम बदलकर गंगाजल रख देते। आगे उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इसी गंगाजल को छिड़क कर सिनेमाघरों में आग लगा देंगे। कथित तौर पर कुछ राजपूत नेताओं ने धमकी दी है कि जिन सिनेमाघरों में फिल्म पद्मावत रिलीज होगी वहां आग लगा देंगे।

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करणी सेना की धमकी पर बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आज तक से खास बातचीत में कहा, किसी को भी प्रजातांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस ना हो तो फिल्म के रिलीज होने में कोई परेशानी नहीं है.

सीबीएफसी ने कुछ कट लगाने और 'पद्मावती' को 'पद्मावत' नाम से रिलीज करने की अनुमति दे दी है। 'पद्मावत' भारत में 25 जनवरी को रिलीज होगी। हालांकि, राजस्थान में फिल्म रिलीज नहीं होगी।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय संयोजक लोकेंद्र सिंह कल्वी ने कहा कि वह फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली को वित्तीय आधार पर नुकसान पहुचाएंगे और उनकी मांग अब फिल्म को प्रतिबंधित करने की है।

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उन्होंने प्रधानमंत्री और सेंसर बोर्ड से भी आग्रह किया कि वे उनके प्रदर्शनों के पीछे की 'भावनाओं' और 'मुद्दों की गंभीरता' को समझें।

उन्होंने धमकाते हुए कहा कि अगर फिल्म रिलीज होती है तो कर्फ्यू जैसे हालात हो जाएंगे।

करणी सेना के संयोजक ने कहा कि फिल्म का निर्माण नोटबंदी के दौरान हुआ था। उन्होंने फिल्म में लगे पैसे के मामले की जांच की मांग की।

फिल्म में दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर मुख्य भूमिका में हैं।

कल्वी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें फिल्म का विरोध करने को लेकर पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिसकी लोकेशन 'लाहौर के पास की है।' उन्होंने पूछा, "पाकिस्तान क्यों इस मामले में इतनी रुचि दिखा रहा है।"

प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता से पहले कल्वी ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की और पहाड़ी राज्य में फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की।

संगठन ने कहा कि कल्वी का फिल्म पर प्रतिबंध की मांग करना जायज है। उनका मकसद राजपूत के सम्मानों की सुरक्षा करना है, क्योंकि वह महाराणा प्रताप के 24वीं और रानी पद्मावती की 37वीं पीढ़ी के वंशज हैं।