रांची / जालौन: चारा घोटाला के एक मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को सजा सुनाने वाले जज शिवपाल सिंह हाल के दिनों में काफी चर्चित रहे हैं। सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह अपने चुटीले कमेंट को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा में रहे। वहीं जज शिवपाल सिंह खुद जमीन के एक मामले में न्याय की आस में हैं।

दरअसल यूपी के जालौन में शेखपुर खुर्द शिवपाल सिंह का पैतृक गांव है। सिंह की जमीन पर पूर्व प्रधान ने धौंस जमाते हुए चौराहे का निर्माण करवा दिया। परेशान शिवपाल सिंह ने जालौन के तहसीलदार जितेंद्र पाल से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की। पाल ने भी जज साहब का मान रखते हुए तत्काल विवाद की जांच के लिए एक दल को मौके पर रवाना किया। फिर जज शिवपाल सिंह रांची लौटे तो मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

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व्यस्तता के चलते शिवपाल सिंह इस मामले में बहुत अधिक पूछताछ नहीं कर सके। अदालती कार्यों से उन्हें फुर्सत नहीं मिलती कि वो बार बार गांव जाकर जमीन विवाद को लेकर अपना पक्ष रखें। हां, इतना जरूर है कि अभी भी जज साहब के लिए न्याय लंबित है।

सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह पैतृक जमीन को हासिल करने के लिए परेशान हैं। जज साहब के भाई सुरेंद्र पाल इस मामले को स्थानीय स्तर के अधिकारियों तक कई बार पहुंचा चुके हैं। फिर भी ढाक के तीन पात।

लालू प्रसाद को सजा सुनाने के बाद शिवपाल सिंह का नाम पूरे देश में चर्चा में है। उनके खुद के मामले में अभी तक यूपी सरकार या सचिव स्तर के किसी अधिकारी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अब देखना है कि जज साहब को खुद न्याय कब तक मिल पाता है।