नई दिल्ली : गुजरात से निर्दलीय विधायक एवं दलित नेता जिग्नेश मेवाणी के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली के संसद मार्ग पर हो रही रैली में तमाम दलित नेता पहुंच रहे हैं। हालांकि पुलिस की बगैर इजाजत के जिग्नेश यह रैली कर रहे हैं। रैली स्थल पर समर्थकों के हुजूम की जगह फिलहाल खाली कुर्सियां ही नजर आ रही हैं।

जिग्नेश की युवा हुंकार रैली के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में अर्द्धसैनिक बलों समेत 2,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। नई दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर के अन्य जिलों से भी अतिरिक्त बलों को बुलाया गया है।

उन्होंने बताया कि संसद मार्ग पर किलेबंदी कर दी गई है और पानी की बौछार करने वाले वाहन तैनात किए गए हैं। दूसरी ओर आयोजक इस सब से प्रभावित हुए बगैर रैली के लिए सारे इंतजाम किए हैं।

स्वराज इंडिया के नेता प्रशांत भूषण ने एक ट्वीट में कहा था, कृपया लोगों को भ्रमित न करें। एनजीटी के आदेश जंतर मंतर के लिए हैं, न कि संसद मार्ग के लिए। उच्चतम न्यायालय ने हमेशा कहा है कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन और बैठकों का अधिकार एक बुनियादी अधिकार है। युवा रैली को रोकने का पुलिस का कोई भी प्रयास अलोकतांत्रिक तथा मूलभूत अधिकारों का हनन होगा।

यह भी पढ़ें :

पुणे हिंसा : जिग्नेश मेवाणी, खालिद पर दर्ज हुआ मामला, भाषण पर आपत्ति

राजनीतिक लाभ के लिए 2019 के पहले हिंसा का दोहराया जा सकता है इतिहास : ओवैसी