पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जम्मू में आयोजित एक कार्यक्रम में राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा के लिए सोमवार को पहले मुफ्ती मोहम्मद सईद पुरस्कार से नवाजा गया।

अब नीतीश कुमार को पुरस्कार मिले और इनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वि राजद नेताओं कोे रास कैसे आ सकता है। लालू प्रसाद तो फिलहाल जेल में हैं लेकिन नीतीश पर निशाना साधने का काम उनके छोटे बेटे तेजस्वी ने संभाल रखा है।

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बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद ने नीतीश कुमार को 'पलटीमार' बताया है। तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा, "राजनीति में सबसे ज्यादा पलटी मारने का अवार्ड होता तो किसे मिलता?"

जाहिर है तेजस्वी के समर्थक इस सवाल पर नीतीश कुमार का ही नाम ले रहे हैं। तेजस्वी ने अपने अन्य ट्वीट में लिखा, "सत्य की प्रतिज्ञा झूठ की परीक्षा से, ना कभी डरी है ना कभी डरेगी।"

बता दें कि नीतीश कुमार को राजनीति में सत्यनिष्ठा के लिए जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एऩ एऩ वोहरा ने सम्मानित किया है। ये जरूर है कि नीतीश को सम्मान मिलने पर जद (यू) के नेताओं में खुशी की लहर है। जद (यू) नेता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार का सार्वजनिक जीवन साफ-सुथरी छवि के लिए जाना जाता है।

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तेजस्वी नीतीश के लिए 'पलटीमार' शब्द का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं कि उन्होंने विधानसभा चुनाव से दो साल पहले खुद को 'धर्मनिरपेक्ष' साबित करने के लिए भाजपा से गठबंधन तोड़ा था और राजद व कांग्रेस से महागठबंधन की बदौलत सत्ता पाने के बाद सबसे बड़ी पार्टी राजद को सत्ता से बेदखल करने के लिए फिर भाजपा से हाथ मिला लिया।