विजयवाड़ा: चन्द्रबाबू नायडू सरकार में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ा हुआ है कि आंध्र प्रदेश आईएएस अधिकारी एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा , जिसमें शौचालयों के निर्माण के लिए आवंटित 600 करोड़ रुपये के धन की गड़बड़ी की बात कही गयी है।

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साथ ही उन्होंने शौचालयों के निर्माण में उन्हें दोषी ठहराये जाने का भी विरोध किया है। मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में की गयी एक समीक्षा बैठक के दौरान शौचालयों के निर्माण में देरी के लिए आईएएस अधिकारियों को दोषी ठहराए जाने के बाद राज्य में आईएएस अधिकारियों ने इसका विरोध किया और कहा कि यह उनकी गलती नहीं थीं, जबकि धनराशि के गबन के कारण शौचालयों के निर्माण में विलंब हो रहा है।

श्रीकाकुलम में एक समीक्षा बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री द्वारा शौचालय के निर्माण में विलंब के लिए आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराये जाने पर आईएएस अधिकारी एसोसिएशन ने विरोध जताया और मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, आईएएस अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए आवंटित राशि का टीडीपी नेताओं द्वारा दुरुपयोग किये जाने के कारण ही शौचालयों के निर्माण में विलंब हुआ है।

उन्होंने कहा कि शौचालयों के निर्माण के लिए जिन लोगों को ठेका सौंपा गया था वे टीडीपी नेताओं से मिले हुए थे और इस दौरान इसके लिए आवंटित राशि का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह ठेका टीडीपी के नेताओं और उनके सहयोगियों को दिया था और वे कोई काम किए बिना धनराशि जारी करने के लिए हम पर दबाव ड़ाल रहे थे।

आईएएस एसोसिएशन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी 992.06 करोड़ रुपये और राज्य द्वारा जारी 838.16 करोड़ रुपये में से केवल रुपये 1,230.22 करोड़ का सही इस्तेमाल सही ढंग से किया गया और शेष 600 करोड़ रुपये का विधायक, सांसदों और टीडीपी नेताओं द्वारा दुरुपयोग किया गया।