तिरुमला : तिरुमला तिरुपति देवस्थानम(टीटीडी) में कार्यरत गैर हिन्दू कर्मचारियों को हटाने का मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा है। हालांकि यहां की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने मंदिर में तैनात 44 गैर हिन्दू कर्मचारियों को अन्य विभागों में नौकरी देने का वादा कर मामले को शांत करने का प्रयास किया है।

नियमों के मुताबिक यहां गैर हिन्दु कर्मचारियों को नियक्त नहीं किया जाना चाहिए और ऐसा करना मंदिर के नियमों के खिलाफ माना जाता है।गौरतलब है कि टीटीडी ने नियमों के विरुद्ध संस्थान में कार्यरत गैर हिन्दू कर्मचारियो को नोटिस जारी करने का ऐलान किया था।

टीटीडी ने यह फैसला संस्थान में गैर हिन्दू कर्मचारी बनाए रखना चाहिए या नहीं, इस मुद्दे पर सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टीटीडी की उप कार्यकारी अधिकारी स्नेहलता के एक चर्च में प्रार्थना करते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद गैर हिन्दुओं का विवाद एक बार फिर से पर्दे पर आया है।

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विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य हिंदू संगठनों ने इस मुद्दे को उठाया और मंदिर समिति से मांग की कि गैर हिंदू कर्मचारियों को तुरंत मंदिर से निकाला जाए। हालांकि टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी ने स्नेहलता से वाहन के उपयोग पर स्पष्टीकरण मांगा है। टीटीडी में वर्ष 1989 से वर्ष 2007 तक कुल 37 गैर हिन्दू कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी।

वर्ष 2007 में तत्कालीन टीटीडी प्रशासन बोर्ड ने गैर हिन्दुओं की नौकरियों को टीटीडी में नियुक्त नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बावजूद भी सात गैर हिन्दू टीटीडी में नियुक्त हुए। गौरतलब है कि मंदिरों के पीठाधीश गैर हिन्दुओं को मंदिरों व अन्य मुख्य विभागों से दूर रखे जाने की मांग कर रहे हैं।

टीटीडी के एक्जिक्यूटिव ऑफिसर अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि सभी 44 गैर हिंदू कर्मचारियों को नोटिस देकर उनसे इस मामले में जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को राज्य सरकार के दूसरे विभागों में भेजने पर विचार किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार भी इन कर्मचारियों को अपने विभागों में रखने पर राजी हो गई है।