हैदराबाद : टीडीपी से कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए विधायक रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. लक्ष्मा रेड्‍डी का डॉक्टर की उपाधि प्रमाणपत्र जाली है। साथ ही कहा कि वो इस बात को साबित करने के लिए तैयार है।

रेवंत रेड्डी ने शनिवार को मीडिया से यह बात कही। उन्होंने आगे कहा कि लक्ष्मा रेड्डी वर्ष 2004 में चुनाव में जो हलफनामा (एफिडविट) दायर किया था, उसमें गुलबर्गा विश्वविद्याल से 1988 से डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने का उल्लेख किया गया है। साथ ही 2014 में हुए चुनाव में जो हलफनामा दाखिल किया था, उसमें कर्नाटक विश्वविद्यालय से 1987 से डॉक्टर की उपाधि उत्तीर्ण होने का उल्लेख किया है।

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रेवंत रेड्डी ने मंत्री से सवाल किया कि दोनों प्रमाणपत्रों में से सही कौन सा बतायें? साथ ही कहा कि सेंट्रल काउंसिल ऑफ होमियोपति ने वर्ष 1990 में गुलबर्गा विश्वविद्यालय को मान्यता दी है। इसी तरह कर्नाटक विश्वविद्यालय को वर्ष 1988 में मान्यता मिली है। उन्होंने कहा कि मंत्री लक्ष्मा रेड्डी ने मान्यता मिले बिना कैसे उत्तीर्ण हुआ है वो ही बताये।

रेवंती रेड्डी ने इस बात अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया में निजी आरोप लगाये जा रहे है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके खिलाफ गलत प्रचार करने वालों को शीघ्र सबक सिखाया जाएगा।