केपटाउन : साल 2015 के बाद से लगातार नौ श्रृंखलाएं अपने घर में जीतनने वाली भारतीय क्रिकेट टीम की बाहरी परिस्थितियों में अग्नि परीक्षा होगी। शुक्रवार से भारत पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसी के घर में अपने ऊपर लगे विदेशी जमीन पर खराब प्रदर्शन के दाग को धोने उतरेगी।

दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शुमार भारतीय टीम से पार पाना दक्षिण अफ्रीका के लिए भी किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होने जा रहा है।

भारत ने पिछली नौ टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज कर आस्ट्रेलिया के लगातार नौ टेस्ट सीरीज जीतने के विश्व रिकार्ड की बराबरी की है। पहला टेस्ट शुक्रवार से यहां न्यूलैंड्स में खेला जाएगा।

भारत ने 2015 से कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी है। उसने इस विजय अभियान की शुरुआत श्रीलंका को उसके घर में 2-1 से हराकर की थी। इसके बाद उसने अपने घर में ही दक्षिण अफ्रीका को मात दी थी।

लेकिन, भारत दक्षिण अफ्रीका में 1992 से एक भी सीरीज नहीं जीता है। उसने इस दौरान चार सीरीज गंवाई हैं और एक सीरीज ड्रॉ खेली है। भारत ने महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में 2010-11 में सीरीज ड्रॉ की थी।

मौजूदा क्रिकेट में भारतीय टीम के पास वो कुव्वत है कि वह किसी को भी कहीं भी मात दे सकती है। उसके बल्लेबाज हर परिस्थिति में रन बना सकते है। वहीं गेंदबाजी आक्रमण, विशेषकर तेज गेंदबाजी आक्रमण इस टीम का जैसा है वैसा अतीत में भारत की किसी भी टीम का नहीं रहा है।

बल्लेबाजी में भारत का दारोमदार चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली के ऊपर सबसे ज्यादा होगा। इन दोनों ने 2017 में काफी रन बनाए हैं। पुजारा बीते साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दूसरे और कोहली चौथे स्थान पर रहे हैं।

इन दोनों के अलावा टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। रहाणे ने अभी तक लगभग हर विदेशी जमीन पर अपने बल्ले का लोह मनवाया है। वहीं सलामी बल्लेबाज शिखर धवन, लोकेश राहुल और मुरली विजय तीनों फॉर्म में है। कोहली अंतिम एकादश में किस सलामी जोड़ी के साथ जाते हैं, यह मैच के दिन ही पता चलेगा।

कोहली विदेशी जमीन के हिसाब से टीम संयोजन में बदलाव कर सकते हैं। वह भारत में दो स्पिनरों के साथ खेले थे, लेकिन हो सकता है कि वह एक स्पिनर को आराम देते हुए और अतिरिक्त बल्लेबाज या तेज गेंदबाज के साथ जाएं।

भारत को इस दौरे पर सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण से हैं। उसके पास मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार के रूप में बेहतरीन तेज गेंदबाजी आक्रमण है। एकदिवसीय के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उनके होने से तेज गेंदबाजी आक्रमण और पैना हो गया है। इन सभी के पास वो काबिलियत है जो दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर एक तेज गेंदबाज को चाहिए होती है।

वहीं टेस्ट में दूसरे नंबर पर काबिज दक्षिण अफ्रीका अपने घर में हर लिहाज से हावी है, लेकिन वो जानती है कि भारतीय टीम बेहद मजबूत मानसिकता और बेहतरीन संतुलन के साथ उसे चुनौती देने आई है।

मेजबानों की बल्लेबाज अब्राहम डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, हाशिम अमला के इर्द गिर्द है। क्विंटन डी कॉक भी उसके लिए अहम योगदान दे सकते हैं।

गेंदबाजी में वह डेल स्टेन, क्रिस मौरिस की वापसी से मजबूत हुई है। इन दोनों के अलावा उसके पास वार्नोन फिलेंडर, कागिसो रबाडा जैसे घातक गेंदबाज हैं जो भारत को परेशानी में डाल सकते हैं।

टीम:

भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, पार्थिव पटेल, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल।

दक्षिण अफ्रीका : फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), अब्राहम डिविलियर्स, एडिन मार्कराम, हाशिम अमला, टेम्बा बावुमा, आंदिले फेहुलक्वायो, केशव महाराज, कागिसो रबादा, मोर्ने मोर्कल, डेल स्टेन, क्रिस मौरिस, वार्नोन फिलेंडर और थेयुनिस डे ब्रून।