लंदन: टाइप-2 मधुमेह के इलाज के लिए विकसित दवाओं का उपयोग अल्जाइमर्स के मरीजों के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। इन दवाओं की मदद से चूहों में यादाश्त वापस लाने वाले वैज्ञानिकों ने उक्त बात कही है।

ब्रेन रिसर्च नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, टाइप-2 मधुमेह के इलाज के लिए विकसित दवाओं का व्यापक पैमाने पर अल्जाइमर्स के मरीजों के लिए इलाज हो सकता है। ब्रिटेन के लांस्टर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर क्रिश्चयन होल्शर का कहना है, इन दवाओं के जरिए यादाश्त खोने से जुडी बीमारियों, जैसे अल्जाइमर्स का इलाज होने की काफी संभावनाएं हैं।

इन अध्ययन का वित्त पोषण करने वाले अल्जाइमर्स सोसायटी के अनुसार, अल्जाइमर्स लोगों में डिमेंशिया (यादाश्त खोने) का प्रमुख कारण है और ब्रिटेन में वर्ष 2051 तक इस बीमारी से ग्रस्त लोगों की संख्या बढकर करीब 20 लाख हो जाने की आशंका है। हालांकि, अभी तक इन दवाओं का प्रभाव चूहों पर मिला है, लेकिन इसकी व्यापक संभवनाएं हैं और इस दिशा में आगे के प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं।