नई दिल्ली : जमात-उद-दावा के प्रमुख और 2611 के मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की पाकिस्तान में गतिविधियां बढ़ती ही जा रही हैं। इस बार इस्लामाबाद में सईद की रैली फिलिस्तीनी राजदूत के शामिल होने पर आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है।

रैली में फलस्तीनी राजदूत की मौजूदगी पर भारत ने कड़ी आपत्ति उठाई है।

खबरों के मुताबिक, इस्लामाबाद में फलस्तीनी राजदूत वालिद अबु अली पाकिस्तान के रावलपिंडी में दिफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल की ओर से आयोजित एक विशाल रैली में हिस्सा लिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया, हमने इस बाबत खबरें देखी हैं। हम नई दिल्ली में फलस्तीनी राजदूत और फलस्तीनी अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को सख्ती से उठाएंगे।

फिलिस्तीनी राजदूत के हाफिज सईद के साथ मंच साझा करने पर भारत में तरह-तरह की प्रतिक्रिया मिल रही हैं। क्योंकि फिछले हफ्ते ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में येरूशलम मुद्दे पर भारत ने अमेरिका के खिलाफ मत डालते हुए फिलिस्तीन का समर्थन किया था।

सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से सवाल किया जा रहा है कि भारत ने येरूशलम मसले पर इजरायल के खिलाफ फिलिस्तीन का जो समर्थन किया था, उसका फल मिल रहा है। फिलिस्तीन भारत के सबसे बड़े दुश्मन और आतंकी हाफिज सईद के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा है। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ओमर कुरैशी ने इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से ही सवाल किया है।

दिफा-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तान की रक्षा) काउंसिल पाकिस्तान में इस्लामी समूहों का एक गठबंधन है, जिसमें हाफिज का संगठन भी शामिल है।