नई दिल्ली : केंद्रीय विधि मंत्री रवि शंकर ने कहा कि यदि हैदराबाद हाई कोर्ट का विभाजन किया जाता है तो वर्तमान हाई कोर्ट तेलंगाना का हो जाएगा। साथ ही नये हाई कोर्ट को उस राज्य की नयी राजधानी में स्थापित किया जाना चाहिए।

विधि मंत्री ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने आगे बताया कि एपी मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायुडू ने केंद्र सरकार को बताया है कि हाई कोर्ट के लिए उनके पास चार भवन तैयार है। मुख्यमंत्री के सुझाव को हैदराबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सूचित किया गया है। मुख्य न्यायाधीश को उन चार भवनों में से किसी एक भवन का चयन करना है।

रवि शंकर ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट को अस्थायी रूप से मात्र स्थानांतरण किया जा सकता है। मगर स्थायी रूप से स्थानांतरण करने के लिए और समय लगेगा। तब तक दोनों राज्य प्रेम भावना से मिलजुलकर रहे।

विधि मंत्री ने यह भी बताया कि न्यायाधीशों की नियुक्त और पदोन्नति विधि मंत्रालय के परिधि में नहीं आते हैं। यह निर्णय कोलेजियन करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पदोन्नति को लेकर किसी प्रकार आश्वासन नहीं दिया गया है।

इसी क्रम में टीआरएस के विपक्ष के नेता जितेंदर रेड्डी ने कहा मंत्री से आग्रह किया कि जब तक हाई कोर्ट का विभाजन नहीं होता है तब तक न्यायधीशों को पदोन्नति न दें।

केंद्रीय मंत्री सुजना चौधरी ने कहा कि दोनों राज्यों के लिए हाई कोर्ट का विभाजन एक मात्र समस्या नहीं है। राज्य विभाजन के अनेक मुद्दे अब भी लंबित है। इनमें मुख्य है- एपी को विशेष दर्जा, राजस्व की कमी जैसे अन्य मुद्दे हैं।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विभाजन समस्याओं के निवारण के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री बातचीत से हल कर ले। इसके लिए वो दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री की बैठक कराने के लिए तैयार है।