हैदराबाद: गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीत की तरफ बढने के साथ भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब और तानाशाही कर सकते हैं।

वाम नेता ने कहा कि उन्हें पूरी आशंका है कि भाजपा और जोरदार तरीके से हिंदुत्व की नीति पर बढेगी।

रेड्डी ने कहा, नरेंद्र मोदी और तानाशाही कर सकते हैं। यह भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। भाकपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने भले ही गुजरात में अपना आंकड़ा सुधारा, सत्तारुढ दल (भाजपा) सत्ता विरोधी लहर से पार पाने में सफल रही और यह दुख की बात है कि धर्मनिरपेक्ष बल भगवा दल को हराने में नाकाम रहे।

उन्होंने कहा, भाजपा विरोधी बलों को सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए साथ आना चाहिए। रेड्डी ने हालांकि कहा कि वाम दलों और इस तरह की दूसरी पार्टियों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर साथ आने के लिए चुनावी समझ का विकास करना आसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा, लेकिन यह (गठबंधन) जब भी संभव हो, इस पर विचार किया जाना चाहिए। हमें चर्चा कर निष्कर्ष पर पहुंचना होगा। इस समय हम जल्दबाजी में निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते। धर्मनिरपेक्ष ताकतों को और मजबूती एवं एकता के साथ लडने की जरुरत है। वरिष्ठ वाम नेता ने साथ ही कांग्रेस के नये अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक अच्छा चुनाव अभियान चलाया था और चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक ताकत विरोधी स्पष्ट संदेश दिया।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें राहुल के एक अच्छे नेता के तौर पर उभरने की उम्मीद है, रेड्डी ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह पार्टी में किस तरह से सुधार लाते हैं।

उन्होंने कहा, कांग्रेस की नीतियां में भी बदलाव लाना होगा। वाम नेता ने कहा कि कांग्रेस को गरीब तबके के करीब आना चाहिए और कॉरपोरेट समर्थक होने की छवि से छुटकारा पाना चाहिए।