हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने कुछ समय पहले विधानसभा में कहा था कि कृषि क्षेत्र के लिए 24 घंटे बिजली बिजली देने की घोषणा की थी और कहा था कि 1 जनवरी से इसे लागू कर दिया दिया जाएगा। साथ ही इसे प्रयोग के तौर पर कुछ समय के लिए अपनाया भी गया और इस बात का पता लगाया गया कि 24 घंटे बिजली आपूर्त करने पर राज्य सरकार को कितना खर्च वहन करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक कर कहा कि राज्य में कृषि क्षेत्र के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव है और वर्ष 2018 में इसके लिए बजट मेंं अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। बैठक के दौरान बिजली की आपूर्ति के संबंध में कुछ घंटों की घड़ी भी बढ़ी है और अनुवर्ती उपायों का पालन भी किया जाएगा।

जब कृषि के लिए सात घंटों के लिए बिजली की उपलब्धता थी, तब पंपों के लिए मीटर फिट किए गए थेे। इस तरह के मीटर में 24x7 आपूर्ति के साथ चौदह घंटे चलने की क्षमता होती है, जिससे कम गहराई वाले बोरवेलों में पानी कम पड़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने 24x7 बिजली आपूर्ति के बारे में कृषि उपभोक्ताओं को सूचित करने के लिए एक व्यापक अभियान की मांग की और आपूर्ति का उपयोग कैसे किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए कुछ एहतियाती उपायों को उठाया जाए तो 24x7 बिजली की आपूर्ति के कारण फसल हो सकती हैं, जिसमें बहुमूल्य संसाधनों में तेजी से कमी शामिल है।

राज्य में बिजली उपयोगिता ने राज्य में ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली में सुधार के लिए 12,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि किसान सरकार के साथ सहयोग करेंगे और सभी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे जब 24x7 बिजली खेत क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी।