हैदराबाद: बहुराष्ट्रीय कंपनी सीडीसी ग्रुप ने वेरिटास फाइनांस के जरिए भारत में बड़े निवेश की योजना बनाई है। ग्रुप शुरुआत में 65 करोड़ निवेश करेगा। जिसके जरिए वेरिटास फाइनांस आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अपना विस्तार करेंगे।

ब्रिटिश वित्तीय कंपनी CDC ग्रुप का दुनिया के कई देशों में निवेश है। इसने अब भारत का रुख किया है। ग्रुप की योजना भारत के विकास में भागीदार बनने की है। सीडीसी ग्रुप के निवेश से चेन्नई की कंपनी वेरिटास फाइनांस उत्साहित है। अब ये कंपनी अपना कारोबार तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में बड़े पैमाने पर फैलाएगी।

वेरिटास फाइनांस साल 2015 में शुरू किया गया था। जिसने अब तक छोटे और मंझोले करीब 12000 कारोबारियों को वित्तीय सहायता प्रदान की है। कंपनी का सहयोग ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में है।

वेरिटास कारोबार के विस्तार के लिए लंबी अवधि की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। भारत में वेरिटास की फिलहाल 60 शाखाएं और 97 लघु केंद्र हैं। अभी ये कंपनी तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय है।

बता दें कि भारत में लघु और मंझोले उद्योग छोटे और कम आय वाले परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक संबल हैं। जिन्हें वेरिटास का भरपूर सहयोग मिलता है। देश में आम तौर पर कारोबार के इच्छुक लोगों को वित्तीय संस्थानों से ऋण मिलने में खासी परेशानी होती है। कई बार दस्तावेजों की अनुप्लब्धता और दूसरी शर्तों की वजह से इन्हें लोन देने से इनकार किया जाता है। ऐसे लोगों को वेरिटास की ओर से मदद मिलती है।

इंडिया इंफोलाइन फाइनेंस में सीडीसी के निवेश पर कंपनी के चेयरमैन निर्मल जैन का कहना है कि आईआईएफएल का नजरिया लंबा है और कंपनी को सीडीसी के साथ जुड़ कर लंबे समय में फायदा होगा। सीडीसी 10 साल तक के लिए निवेश करेगा।