हैदराबाद: आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का ध्यान खासकर तेलंगाना में है और वे यहां बीजेपी के मिशन 80 पर काम कर रहे हैं। मतलब 2019 विधानसभा चुनाव में बीजेपी कम से कम 80 सीटें चाहती है। बता दें कि तेलंगाना विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 119 है। ये तभी मुमकिन है जब हैदराबाद से सांसद और चर्चित नेता असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ में सेंध लगाई जाय।

इसी तरह लोकसभा चुनाव में भी तेलंगाना से बीजेपी 17 में से कम से कम 15 सीटें निकालने की उम्मीद करती है। इस के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जो रणनीति बनाई है। अगर वो कारगर हो जाती है तो असदुद्दीन ओवैसी चारो खाने चित होंगे और उन्हें अपनी हैदराबाद की सीट भी गंवानी पड़ सकती है।

तेलंगाना बीजेपी प्रवक्ता कृष्णा सागर राव ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजेपी की केंद्रीय इकाई ने ओवैसी को हराने की योजना बनाई है। अगर वो सफल होती है तो तीन बार से लोकसभा सांसद रहे असदुद्दीन ओवैसी को हैदराबाद ही बेगाना लगने लगेगा।

योजना के मुताबिक हैदराबाद में बीजेपी एंटी एंकम्बैन्सी फैक्टर पर काम करेगी। लोगों को बताया जाएगा कि एक दशक से अधिक समय से प्रतिनिधित्व कर रहे ओवैसी ने लोगों का कुछ भला नहीं किया। बीजेपी नेताओं को लगता है कि पुराने हैदराबाद शहर और मुस्लिम बहुल इलाके पूरी तरह एआईएमआईएम के कब्जे में है। जिनकी भावनाओं का एमआईएम के नेता दोहन भी कर रहे हैं।

बीजेपी के नेता हैदराबाद के मुसलमानों को यूपी के देवबंद का हवाला देकर वोट मांगेंगे। देवबंद में हाल के चुनावों में बीजेपी को मुस्लिम बहुल इलाकों में भी बड़ी जीत हासिल हुई है। बीजेपी के नेताओं को लगता है कि ऐसा ही कुछ हैदराबाद में भी संभव है। जहां पार्टी की तरफ से लोगों को असदुद्दीन ओवैसी का विकल्प दिया जाएगा। लोगों को ये संदेश दिया जाएगा कि ओवैसी के विरोधी जीत रहे हैं और मुसलमान भी उनका समर्थन करें।

जानकार सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मिशन 2019 को लेकर अहम बैठक की है। जिसमें आगामी लोकसभा चुनाव में कम से कम 350 सीटें जीतने की योजना बनाई जा रही है।

खासकर बीजेपी की नजर उन 150 सीटों पर होगी जहां उन्हें 2014 लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। इनमें कई सीटें तेलंगाना की हैं।