नई दिल्ली : हिन्द प्रशांत क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत आसियान देशों के साथ अगले महीने होने वाली बैठक के दौरान अपने सामरिक सहयोग को और गहरा बनाने पर जोर देगा। सूत्रों ने बताया कि भारत-आसियान स्मारक शिखर सम्मेलन का आयोजन 25 जनवरी को हो रहा है।

सम्मेलन में आतंकवाद से प्रभावी तरीके से मुकाबला करने, नौवहन सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने, कनेक्टिवटी को मजबूत बनाने समेत विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। भारत और आसियान के बीच यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब हिन्द प्रशांत क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ा रहा है।

आसियान के साथ भारत के सहयोग को चीन के प्रभाव को संतुलित करने के कदम के रुप में देखा जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के बीच प्रस्तावित चतुष्कोणीय गठजोड़ को लेकर भारत और आसियान के बीच कोई मतभेद नहीं है और आसियान के सभी 10 देशों ने इस शिखर सम्मेलन और भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने की सहर्ष सहमति प्रदान कर दी है। इसमें इन देशों के शासनाध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

इस समारोह का आयोजन भारत और आसियान के संबंधों के 25 वर्ष पूरा होने के अवसर पर किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें :

PM मोदी ने की आसियान सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में शिरकत

मोदी ने आसियान के रात्रिभोज में ट्रंप एवं अन्य नेताओं से की संक्षिप्त मुलाकात