तिरुवनंतपुरम: मशहूर दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज ने कहा है कि कलाकारों को विरोध के स्वर दबाने की हर कोशिश का प्रतिकार करना चाहिए। यहां चल रहे 22वें केरल अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफके) में हिस्सा ले रहे अभिनेता ने कहा कि रचनात्मक लोगों को इस मुश्किल दौर में साथ खड़ा होने और सहअस्तित्व की दिशा में काम करने की जरुरत है। उन्होंने कहा, हमारे जैसे लोगों को घबराना नहीं चाहिए और मानवता एवं सहअस्तित्व के लिए काम करना चाहिए।

  राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने पद्मावती , एस दुर्गा और न्यूड जैसी फिल्मों के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर कहा कि किसी भी कला रचना के खिलाफ आंदोलन गलत है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का विरोध करना और फिल्मों के संवादों को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है। प्रकाश ने कहा कि विरोध के स्वर को दबाने की कोशिशें कोई नई चीज नहीं है और देश आजादी के बाद से इसका सामना करना रहा है।

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उन्होंने हालांकि मौजूदा परिदृश्य को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस समय लोग अपने विचारों को हम पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं और कोई उसके विरोध में उतरे तो उसे रोक दिया जाता है। अभिनेता ने कहा, जिसे भी यह लगता है कि वह सबसे बडा है, उसे उसकी जगह दिखा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर एक आवाज दबायी जाएगी तो और ज्यादा मजबूत आवाजें सामने आएंगी।