मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों की आलोचना की है। साथ ही इसे अर्थव्यवस्था के लिए झटके के तौर पर बताया है। रेड्डी के मुताबिक इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को उबरने में कम से कम दो साल का वक्त लग सकता है।

आरबीआई के पूर्व गवर्नर के मुताबिक नोटबंदी और जीएसटी से फिलहाल मुश्किलें पैदा होंगी। हालांकि भविष्य में इसके कुछ फायदे भी मिल सकते हैं। रेड्डी ने ये साफ नहीं किया कि कितना फायदा और कितने दिनों बाद इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रेड्डी ने कहा कि इस समय आर्थिक वृद्धि को लेकर कोई अनुमान लगाना काफी मुश्किल काम है। उन्होंने कहा कि यह कहना अभी मुश्किल है कि अर्थव्यवस्था फिर से 7.5 से 8 प्रतिशत की संभावित उच्च वृद्धि के रास्ते पर कब लौटेगी।

उन्होंने याद किया कि जब वह आरबीआई के गवर्नर थे, उसके मुकाबले पिछले तीन साल में कच्चे तेल के दाम एक-तिहाई पर आ गए हैं। बावजूद इसके आर्थिक वृद्धि प्रभावित हुई है साथ ही महंगाई से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने बैंकों की भारी एनपीए पर भी चिंता जाहिर की।