हैदराबाद: आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा नंदी अवार्ड की घोषणा किये जाने के बाद विवाद चरम सीमा पर जा पहुंचा है। सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्मों के लिए दिये जाने वाले नंदी अवार्ड आस्कर अवार्ड से कम नहीं माना जाता है। आंध्र प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014,15 और 16 के सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म के लिए मंगलवार को नंदी अवार्ड की घोषणा की।

इसे भी पढ़ें:

नाना पाटेकर को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

पत्रकार अनिमेष झाबरमल्ल स्मृति अवार्ड से नवाजे गए

एआईबीए ने मैरी कॉम को दिया लिजेंड अवार्ड

इन तीन सालों के लिए लेजेंड,बाहूबली,और पेल्ली चूपुलू को सर्वश्रेष्ठ फिल्म की केटेगिरी में,बालकृष्णा, महेश बाबू और जूनियर एनटीआर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में चुना गया है। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा नंदी अवार्ड की घोषणा किये जाने के बाद सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। कहा जा रहा है कि सरकार ने जानबूझ कर अपने लोगों को नंदी अवार्ड देने की घोषणा की है।

नंदमूरी को सरकार द्वारा दी जाने वाली प्राथमिकता को दर्शाता तस्वीर
नंदमूरी को सरकार द्वारा दी जाने वाली प्राथमिकता को दर्शाता तस्वीर

खास बात यह है कि चिरंजीवी के परिवार के किसी भी अभिनेता को नंदी अवार्ड के लिए नहीं चुना गया। एक स्टार हीरो के रूप में अपने आप को स्थापित करने वाले अल्लू अर्जुन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के रूप में नंदी अवार्ड के लिए चुना गया है। इस मामले को लेकर गीता आर्ट्स के को-प्रोड्यूसर मैनेजर ने कहा कि टॉलीवुड के अभिनेताओं को टीडीपी को देखकर अभिनय सीखना चाहिए।

अल्लू अर्जुन को सपोर्टिंग एक्टर के रुप में चयनित कर उसका अपमान किया गया है। खास बात यह है कि बालकृष्णा अभिनीत लेजेंड फिल्म को कुल 9 नंदी अवार्ड के लिए चुना गया है। गौरतलब बात यह है कि नंदी अवार्ड ज्यूरी में बालकृष्णा सदस्य है और टीडीपी के विधायक है। इससे पूर्व बालकृष्णा के नरसिम्हा नायुडू और रामराज्यम फिल्म को नंदी अवार्ड के लिए चुना गया था तब भी सरकार की आलोचना हुई थी क्योंकि दोनों फिल्में फ्लाफ रही।

कहा जा रहा है कि राजनीतिक नजर से ही नंदी अवार्ड के लिए फिल्मों का चयन किया गया। यह भी कहा जा रहा है कि अब यह नंदी अवार्ड नही बल्कि यह नंदमूरी अवार्ड बनकर रह गया है।