न्यूयार्क :  एक नये अध्ययन में कहा गया है कि फेसबुक और ट्वीटर पर ज्यादा समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिये हानिकारक नही है. सोशल मीडिया पर किये गये एक शोध के अनुसार सोशल मीडिया पर आप कितना समय बिताते हैं, इसके बजाय यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस प्रकार से किया जाता है।

अमेरिका के यूनिवर्सिटी आफ सेंट्रल फ्लोरिडा के क्लो बैरीमैन ने कहा कि अभी तक इस बात के प्रमाण नहीं मिले हैं कि सोशल मीडिया में ज्यादा समय बिताने से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

शोधार्थियों ने युवाओं-वयस्कों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल और उनकी संभावित मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे अकेलापन, सहानुभूति और सामाजिक चिंता में कमी आने के बीच बहुत कम संबंध मिले हैं।

मनोरोग से संबंधित त्रैमासिक पत्रिका में प्रकाशित लेख में बैरीमैन ने कहा, हम इस बात से इंकार नहीं करते हैं कि कुछ आनलाइन व्यवहार सामाजिक समस्याओं से संबंधित हैं, बल्कि हमारा प्रस्ताव है कि शोध व्यक्तियों के व्यवहार पर केन्द्रित होना चाहिए, बजाय यह मान लेने के कि मीडिया सभी सामाजिक-व्यक्तिगत समस्याओं का मूल कारण है। बैरीमैन ने सोशल मीडिया के प्रयोग और वीडियो गेम, कामिक्स और रॉक म्यूजिक इस्तेमाल करने वाले लोगों में नैतिक तनाव का तुलनात्मक अध्ययन किया।

बैरीमैन और उनके सहयोगियों ने इस अध्ययन में करीब 467 युवाओं को शामिल किया और उनसे अलग अलग तरह के सवाल पूछे।

शोधार्थियों ने उनसे सोशल मीडिया पर बिताने वाले समय, परिजनों के साथ उनके संबंध और सामाजिक समर्थन के बारे में उनसे सवाल पूछे और उसका मूल्यांकन किया।