नई दिल्ली : रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल वित्तीय समाधान एवं जमा बीमा (एफआरडीआई) विधेयक के बारे में अगले महीने संसदीय समिति के सदस्यों को संबोधित कर सकते हैं। समिति के एक सदस्य ने इसकी जानकारी दी।

समिति ने पटेल को बुलाने का निर्णय ऐसे समय में लिया है जब बैंक संघों ने विधेयक का विरोध किया है और वित्त मंत्री से इसे वापस लेने की मांग की है।

यह विधेयक वित्तीय कंपनियों में दिवालिया संबंधी मामलों को हल करने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने पर केंद्रित है। अभी देश में इस संबंध में कोई विशिष्ट कानून नहीं है। यह विधेयक संसद के मानसून सत्र में पेश किया गया था पर बाद में इसे लोकसभा एवं राज्यसभा की संयुक्त समिति को सौंप दिया गया था।

समिति के सदस्य ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया, समिति इस संवेदनशील विधेयक के बारे में केंद्रीय बैंक का नजरिया जानना चाहती है। इसी कारण रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को समिति की नवंबर में होने वाली अगली बैठक में आमंत्रित किया गया है। सर्वदलीय संसदीय समिति को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक विधेयक के बारे में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।