नई दिल्ली : बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि जीएसटी लागू करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार कानून में बड़े फेरबदल करने की पक्षधर है। दो दिनों में ही पीएम की बात सच साबित हुई। शुक्रवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे कारोबारियों को सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान कर दिया।

केंद्र सरकार के इशारे पर जीएसटी काउंसिल ने कम्पाउडिंग स्कीम के नियमों में बदलाव करते हुए सीमा बढ़ा दी है। पहले ये सीमा जहां 75 लाख रुपए थी, वहीं अब इसको 1 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।

यही नहीं, पीएमएलए एक्ट से सर्राफा कारोबार को बाहर कर दिया है। अब डेढ़ करोड़ टर्नओवर वाले व्यापारी तीन महीने में रिटर्न दे सकते हैं। साथ ही रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। इस बात की जानकारी काउंसिल की बैठक में शामिल बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्विटर के जरिए दी है।

आपको बता दें कि बीते तीन महीनों से देश में छोटे-बड़े कारोबारियों को इस नई कर व्यवस्था के तहत बड़ी दिकक्तों का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए बुधवार को पीएम ने कहा था कि कारोबार को राहत पहुंचाने और जीएसटी को जल्द से जल्द ट्रैक पर बैठाने के लिए उन सभी अड़चनों को हटाने की पहल की जाएगी जिससे कारोबारियों को परेशानी हो रही है।