लखनऊ : मायवती ने भाई आनन्द कुमार के साथ भतीजे आकाश के भी बहुजन समाज पार्टी में प्रवेश देकर साफ कर दिया है कि परिवारवाद की परंपरा उनकी पार्टी में भी आगे बढाई जाएगी। जिस तरह से पार्टी के दिग्गज नेताओं ने मायावती को ऐन वक्त पर धोखा दिया है, इसलिए पार्टी की रीति-नीति से लेकर कार्यशैली तक में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया व पार्टी के कंपेन की जिम्मेदारी मायावती अपने भतीजे आकाश को दे सकती हैं।

मायावती और आकाश
मायावती और आकाश

मायावती ने 14 अप्रैल को अंबेडकर जयन्ती के मौके पर भाई आनन्द कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के वक्त उन्होंने यह भी बताया था कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद पार्टी में बड़ा पावरफुल होता है। आनन्द किसी को भी पार्टी से निकाल सकेंगे और रख सकेंगे। खुद मायावती को भी पार्टी संस्थापक कांशीराम ने पहले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ही बनाया था। आनन्द कुमार से पहले आजमगढ़ के रहने वाले राजाराम इस पद पर थे। जिन्हें कुछ समय पहले मायावती ने इस पद से हटा दिया।

ऐसे कराया था आकाश का परिचय

अंबेडकर जयन्ती के 5 दिन के बाद मायावती ने पार्टी की बैठक में प्रदेश भर से आए नेताओं के सामने जब भाई आनन्द कुमार को मंच पर बुलाया तो उनके साथ एक और युवक भी था। उसका परिचय देते हुए मायावती ने बताया कि यह उनका भतीजा आकाश है जो लन्दन से एमबीए करके लौटा है। यह भी बताया कि आकाश पार्टी का काम देखेगा।

मायावती के साथ मंच पर खड़ा आकाश 
मायावती के साथ मंच पर खड़ा आकाश 

यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि भले ही बसपा में पहले कांशीराम और अभी तक मायावती के परिवारीजन न रहे हों लेकिन पार्टी में परिवारवाद से इनकार नहीं किया जा सकता था। राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र के भाई अनन्त कुमार मिश्र, दामाद परेश मिश्र, समधी गोपाल नारायण मिश्र पार्टी में हैं तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी हुस्ना सिद्दीकी एमएलसी रही हैं तो बेटा अफजल लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर का बेटा विधानसभा चुनाव लड़ चुका है। पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी का भतीजा सांसद रहा है तो रामवीर उपाध्याय की पत्नी सांसद, भाई विधायक रहे हैं।

सहारनपुर दौरे पर भी साथ था आकाश

जब 23 मई को बसपा सुप्रीमो मायावती का सहारनपुर दौरा किया था तो वहां भी यह नौजवान उनके साथ था। वहां भी हर कोई जानने को उत्सुक कि कौन है ये लड़का जो मायावती के साथ अचानक से नजर आने लगा है। दरअसल इस नौजवान का नाम है आकाश और उसको मायावती का सियासी वारिस माना जा रहा है।

भले ही यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हमेशा मायावती को बुआ बोलकर संबोधित करते हैं, लेकिन आकाश के लिए मायावती का यही रिश्ता है। मायावती उनकी बुआ हैं और वो भतीजे। मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे हैं आकाश। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद मायावती अब बसपा में नेताओं की दूसरी कतार तैयार कर रही हैं और इस काम की शुरुआत उन्होंने अपने घर से की है। उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया है और 23 वर्षीय भतीजे को राजनीति की पाठशाला में भर्ती करा दिया है।

आकाश लंदन से एमबीए की डिग्री लेकर लौटे आकाश को मायावती खुद सियासत की एबीसीडी पढ़ा रही हैं। सहारनपुर दौरे पर आकाश बड़े गौर से सभी बारीकियों को समझ रहे थे और लोगों से मिलजुल रहे थे। खबर है कि आकाश हाल ही में पार्टी की एक आंतरिक बैठक में भी शामिल हुए। बैठक में आकाश ने सबसे बात की और पार्टी की विचारधारा-रणनीति जानी। बसपा सूत्रों का कहना है कि मायावती ने पार्टी नेताओं कहा है कि आकाश पार्टी के काम में उनकी मदद करेंगे।

जाहिर है, मायावती ने बसपा में परिवारवाद की शुरुआत कर दी है। वो आकाश को बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार कर रही हैं। आने वाले वक्त में अगर मायावती अपनी राजनीतिक विरासत आकाश के हवाले कर दें, तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।