पटना : भाजपा के एक नेता ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव के खिलाफ 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के समय नामांकन के समय दिए गए हलफनामा में औरंगाबाद जिला में उनके एक भूखंड को जानबूझकर छुपाने को लेकर पटना की एक अदालत में याचिका दायर की है।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ओम प्रकाश की अदालत में बिहार विधान परिषद में भाजपा सदस्य सूरज नंदन प्रसाद ने मंगलवार को दायर की। अदालत ने इस मामले की सुनवाई की तारीख आगामी 22 सितंबर निर्धारित की है।

प्रसाद ने अपने परिवाद पत्र में तेजप्रताप पर उनकी पारिवारिक कंपनी लारा डिस्टरीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा औरंगाबाद जिला में 45.24 डेसीमल के एक भूखंड पर संचालित किए जा रहे मोटर शोरुम के बारे में अपने चुनावी हलफनामें में जानबूझकर छुपाकर लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 125 ए का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और अदालत में पेशी के लिए उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए जाने का अनुरोध किया।

उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी तेजप्रताप के इस भूखंड का जिक्र लालू और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा गलत तरीके से अर्जित संपत्ति के खुलासे के दौरान पहले भी कर चुके हैं। सुशील मोदी ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 ए के अन्तर्गत जानबूझकर तथ्य छुपाने व झूठे शपथपत्र दाखिल करने पर सदस्यता समाप्त किए जाने का प्रावधान है।