हैदराबाद : गृहमंत्री नायनी नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि प्रजा कवि कालोजी नारायण राव की अपेक्षाओं और लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठायेगी।

गृहमंत्री ने शनिवार को रवींद्र भारती में तेलंगाना सरकार की ओर से आयोजित कालोजी नारायण राव की 103वीं जयंती उत्सव में यह बात कही।

उन्होंने आगे कहा, "कालोजी ने कदम-कदम पर अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाया है। उनके साथ पहले दौर के तेलंगाना आंदोलन में भाग लेना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"

स्वामी गौड़...

विधान परिषद के अध्यक्ष स्वीमी गौड़ ने कहा, "कालोजी की बातें में ही कविता थी। जब वो व्यंग्य में कुछ कहते तो कविता पठन जैसा महसूस होता था। कालोजी की कविता, तर्क और सोच की स्फूर्ति से ही पृथक तेलंगाना आंदोलन किया गया और तेलंगाना राज्य को हासिल किया है।"

बंडारू दत्तात्रेय...

केंद्रीय पूर्व मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने सुझाव दिया कि कालोजी की जयंती को हर गांव और स्कूल में भाषा दिवस के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते तो कालोजी उनको अपना गुरु मानते थे।

सिधा रेड्डी...

तेलंगाना साहित्य अकादमी के चेयरमैन नंदिनी सिधा रेड्डी कहा कि लोगों के अधिकारों का जहां भी उल्लंघन होता था तो कालोजी उसके खिलाफ आवाज उठाने में सबसे आगे रहते थे। पहले दौर के तेलंगाना आंदोलन को समर्थन करने वाले में एक मात्र कवि कालोजी नारायण राव ही थे।

पुरस्कार प्रदत्त..

इस अवसर पर भद्राचलम निवासी कवि डॉ. सीताराम को तेलंगाना सरकार की ओर से कालोजी साहिती पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम में विधायक रसमयी बालकिशन, सरकार के सलाहकार के वी रमणाचारी, अधिकार भाषा संघ के अध्यक्ष देवुलापल्ली प्रभाकर राव, पोट्टि श्रीरामुलू तेलुगु विश्वविद्यालय के कुलपति एस वी सत्यनारायण, ग्रंथालय संस्थाओं के चेयरमैन आयूचितम श्रीधर व अन्य उपस्थित थे।