नई दिल्ली: जदयू पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव के खिलाफ अब कार्रवाई की नीति पर काम कर रही है। इसी सिलसिले में शरद यादव की राज्यसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता पद से छुट्टी कर दी गई है। ये जिम्मेदारी अब उनकी जगह आरसीपी सिंह संभालेंगे।

इस बारे में शनिवार को ही पार्टी की तरफ से आधिकारिक तौर पर उपराष्ट्रपति सह राज्यसभा के सभापति को जानकारी दे दी गई थी। जदयू की तरफ से शरद पर निशाना साधते हुए कहा गया कि जिसे जहां जाना है वो जाय, पार्टी ने अपनी तरफ से फैसला ले लिया है।

मामले को कुछ हद तक हल्का करते हुए जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि शरद यादव को हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें रिप्लेस किया गया है। उनकी मौजूदा गतिविधियों को देखते हुए ऐसा करना जरूरी था।

अमित शाह ने नीतीश कुमार को फिर से एनडीए में शामिल होने का न्यौता दिया है। पत्रकारों ने जब इस पर शरद यादव की प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने साफ कहा कि मुझे कोई कमेंट नहीं करना है।

बता दें कि गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान जेडीयू के एक MLA ने पार्टी का फरमान नहीं मानते हुए कांग्रेस के अहमद पटेल को वोट किया था। इसके बाद शरद यादव ने जीत पर पटेल को बधाई भी दी थी। इस पूरे मामले में शरद यादव की शह बताई जाती है। जिसको लेकर नीतीश कुमार ने शरद के करीबी गुजरात के प्रभारी को पद से हटा दिया। इसके बाद से ही शरद यादव पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी।

बता दें कि देश के 13 राज्यों में बीजेपी की सरकार है। 5 राज्यों में पार्टी सरकार की सहयोगी है। दो राज्य ऐसे हैं, जहां की रूलिंग पार्टी के साथ बीजेपी के रिश्ते दोस्ताना नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो देशभर में बीजेपी की फिलहाल सियासी तूती बोल रही है।