खम्मम: बच्चों शिक्षा और शिष्टाचार सिखाने के वाले प्रधानाध्यापक खिलाफ पुलिस ने पोक्सो के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। पोक्सो का अर्थ होता है ' प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल आफेन्स '।

बच्चों को लोगों की यौन प्रताड़ना से बचाने के लिए यह कानून बनाया गया है। ऐसी स्थिति में बोनकल उच्च विधालय के प्रधानाध्यापक रमणय्या के खिलाफ आखिरकार यह मामला क्यों दर्ज किया गया, इस बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए घटना के बारे में जानना जरूरी है।

आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली चार बालिकाओं के साथ प्रधानाध्यापक रमणय्या गलत हरकत कर रहा था। इन चारों छात्राओं में से एक छात्रा ने पेट दर्द की शिकायत करते हुए रमणय्या से छुट्टी मांगने उसके कार्यालय में गयी। रमणय्या ने उसी दौरान लड़की के साथ गलत हरकत किया। इससे लड़की ने अपने माता- पिता से रमणय्या के काले करतूत के बारे में जानकारी दी।

इससे बच्चों के अभिभावकों ने दूसरे दिन स्कूल गये,लेकिन इस बारे में रमणय्या को पहले ही जानकारी मिल चुकी थी और वह छुट्टी पर चला गया। दस दिनों के बाद वापस लौटने के बाद रमणय्या से बच्चों के अभिभावकों ने इस बारे में पूछा तो वह अचानक चीखने चिल्लने लगा।

इतना ही नही उसने थाने जाकर इलेक्ट्रानिक मीडिया के संवाददताओं के अलावा राविनूतला पाठशाला कि कनिष्ठ सहायक बी. वेणु के खिलाफ शिकायत की। बच्चों केअभिभावकों की शिकायत पर प्रधानाध्यापक रमणय्या के खिलाफ फोक्सो के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।