नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों 12 अगस्त को रात नहीं होने की खबरों की खूब चर्चा है। इसके लिए यूपी के कुछ स्थानीय अखबारों की कतरनें लोग शेयर कर रहे हैं। जिसमें लिखा है, ‘’96 साल में पहली बार 12 अगस्त को नहीं होगी रात।’’ वैज्ञानिक भी मानते हैं अंतरिक्ष विज्ञान के नजरिए आज की रात कुछ खास है। लेकिन दिन जैसा उजाला दिखने की बात कोरी बकवास है।

नासा से प्राप्त जानकारी का हवाला देकर खबर फैलाई जा रही है कि आज उल्कापात होगा और इसकी वजह से आसमान में रौशनी ही रौशनी होगी। खबर की सच्चाई पता लगाने के दौरान कई अहम जानकारियां हासिल हुई हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के मुताबिक आज की रात मेट्योर शॉवर की संभावना है। यानी आज उल्का वर्षा का आप आनंद उठा सकते हैं। जिसे आम बोलचाल में तारा टूटना भी कहते हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक अंतरिक्ष में छोटे-छोटे रेत के दाने जैसे उल्कापात होते हैं। जब वो हमारे वातावरण में घुसते हैं तो फ्रिकशन की वजह से गर्म हो जाते हैं और हमें जलते हुए नजर आते हैं। उन्हें हम टूटता तारा कहते हैं वो सिर्फ एक जलता हुआ कण होता है, लेकिन जब एक साथ एक दिशा से कई सारे जलते हुए कण जमीन पर गिरते हैं तो उसे उल्कावर्षा या मेट्योर शॉवर कहते हैं। जिसकी आज पूरी संभावना है।

हालांकि भारत के लोगों के लिए ये घटना दृष्टिगोचर नहीं हो पाएगी। क्योंकि उल्कापात भारत से काफी दूरी होने की संभावना है। लिहाजा भारत में रात में भी दिन जैसे उजाले की बात झूठी है। बता दें कि मेट्योर शॉवर लगभग हर महीने होता है लेकिन कुछ ही बार अच्छे से दिखता है इसलिए 96 साल में पहली बार हो रहा है ये बात बिल्कुल गलत है। मेट्योर शॉवर कई घंटों तक होता है लेकिन सिर्फ 1-2 घंटे जब सबसे चमकीले कण गिरते हैं तभी साफ दिखता है और रोशनी भी पैदा करता है इसलिए 24 घंटे दिन की तरह उजाला होने की बात झूठी है। लिहाजा ये कहना कि 12 अगस्त को रात नहीं होगी ये पूरी तरह से गलत है।