गोरखपुर: BRD मेडिकल कॉलेज हास्पिटल में कथित तौर पर ऑक्सिजन की कमी के चलते तीस से अधिक बच्चों की मौत मामले में सीएम योगी घिरते जा रहे हैं। घटना को लेकर कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी ने अस्पताल का आज दौरा किया। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही नेताओं ने इस मामले में सीएम योगी से माफी मांगने की मांग की है। सांसदों की टीम बनाकर जांच करवाए जाने की भी मांग की गई है। यूपी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से घटना को लेकर इस्तीफा मांगा गया है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले में सरकार पर सच छिपाने का आरोप लगाया है। वहीं बाल अधिकारों के लिए काम कर रहे प्रमुख समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों की मौत को नरसंहार करार दिया है।

गोरखपुर मामले पर प्रेस को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
गोरखपुर मामले पर प्रेस को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन का आज BRD कॉलेज अस्पताल में दौरा का कार्यक्रम है। इससे पहले इन दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और जरूरी दिशानिर्देश लिए।

कथित तौर पर 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी। खबरों के मुताबिक पिछले 5 दिनों में 62 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इंकार किया है।

ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स के यूपी डीलर मनीष भंडारी ने कहा है कि सिलेंडर की कमी से नहीं, बल्‍कि हॉस्प‍िटल में सिलेंडर चेंज के दौरान हुई लापरवाही से हुई हों। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन का पेमेंट के लिए प्रमुख सचिव को करीब 100 लेटर लिखें जा चुके है। बावजूद इसके सरकार उनका पेमेंट क्लियर नहीं कर रही है।

ऑक्सिजन सिलिंडर सप्लाइ करने वाली कंपनी की प्रतिनिधि
ऑक्सिजन सिलिंडर सप्लाइ करने वाली कंपनी की प्रतिनिधि

डीलर के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में उनका 83 लाख का पेमेंट होना था। अब तक हॉस्प‍िटल से 22 लाख का ही पेमेंट आया। बीआरडी के प्रिंसिपल का कहना है कि क‍ल तक 40 लाख का और पेमेंट हो जाएगा। डीलर ने 20 दिन पहले ही सप्लाई बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया था। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि क्या वाकई सप्लाई बंद कर दी गई थी? या फिर मौत को लेकर कुछ अन्य कारण है।