हैदराबाद: राष्ट्रीयकृत बैंकों में अहम स्थान रखने वाले 'बैंक ऑफ बड़ौदा' का इरादा ग्रामीण उपभोक्ताओं के विस्तार और उन्हें आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की है। जिसको लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स के व्यापक प्रशिक्षण की कवायद पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को इसी सिलसिले में 'क्रक्स मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' की ओर से हैदराबाद में BOB के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। साथ ही आनेवाले समय में ऐसी ही कार्यशाला जयपुर और लखनऊ में भी आयोजित करने की बात कही गई।

दरअसल बैंक ऑफ बड़ौदा ने 'क्रक्स मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा. लिमिटेड' की अनुबंधित सेवाएं लेने की हामी भरी है। निजी संस्थान के तौर पर सेवा प्रदाता इस कंपनी ने बीते पांच सालों में ग्रामीण उपभोक्ताओं की जागरुकता के लिए देशभर के चार सौ जिलों में काम किया है। कंपनी ने कुल 1200 जगहों पर कार्यशाला के जरिए लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। कंपनी के इसी अनुभव का लाभ उठाने के मकसद से अब बैंक ऑफ बड़ौदा ने इनसे हाथ मिलाया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के डीजीएम (वित्त) मुरली कृष्णा ने इस योजना के बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक BOB के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स को इस बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। जो आगे चलकर ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सहायता के लिए कैडर के तौर पर काम करेंगे। वहीं क्रक्स मैनेजमेंट की सीईओ हेमा जैन ने बताया कि ऋण लाभुकों में 75 % असंगठित क्षेत्र से आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिक सेवाओं का विस्तार करके सतत और न्यायसंगत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। जिसमें ग्रामीण बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स की अहम भूमिका होगी। यही लोग विकास की अंतिम धुरी पर बैठे लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के बारे में प्रशिक्षित करेंगे। जिससे न सिर्फ सहूलियतें बढ़ेंगी बल्कि आधारभूत संरचना का भी निर्माण होगा।

ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। भारत में कुल 61.35 फीसदी लोग फिलहाल ग्रामीण इलाकों में बसते हैं। जबकि इनमें महज 5.2 फीसदी भारतीय ग्रामीण ही सामान्य या फिर आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से जुड़ पाए हैं। ग्रामीण सकल घरेलू उत्पाद की बात करें तो ये 20 लाख करोड़ रुपए से अधिक का है। मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए NABARD की ओर से बैंकों को ग्रामीण सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष अनुदान दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में बैंक ऑफ बड़ौदा ने सबसे पहले कदम उठाते हुए देशभर में बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स का विशाल नेटवर्क खड़ा किया है। जिनके जरिए वो सीधे ग्रामीण उपभोक्ताओं के संपर्क में होंगे। बैंक ऑफ बड़ौदा की योजना अपने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए कम से कम 18-19 विभिन्न बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है। साथ ही अधिक से अधिक ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना भी है।

BOB के डीजीएम (वित्त) मुरली कृष्णा ने शाखा प्रबंधकों और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स से आग्रह किया है कि वो सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों में लोगों से जनसंपर्क करें और उन्हें आधुनिक बैंकिंग सेवाओं और योजनाओं के बारे में जागरूक करें। BOB की इस साल जुलाई तक 110 ग्रामीण शाखाओं के डिजिटलीकरण की योजना है। साथ ही 370 गांवों को बैंक की 74 क्षेत्रीय शाखाओं से जोड़ दिया जाएगा। बैंक की योजना है कि ग्रामीण उपभोक्ता भी डेबिट कार्ड और दूसरी बायोमेट्रिक सुविधाओं से वाकिफ होकर बेहतर सेवा का लाभ उठाएं। अगर ये योजना सफल होती है तो ग्रामीण इलाकों में न सिर्फ कृषि बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी बेहतरी की गुंजाइश होगी।