दार्जिर्लिंग : गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने आज केंद्र से प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की और संकट की घडी में दार्जिर्लिंगके भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाया।

दार्जिर्लिंग से विधायक और जीजेएम के वरिष्ठ नेता अमर सिंह राय ने कहा, 'गठबंधन साझेदार भाजपा की भूमिका बहुत ही निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें केंद्र सरकार से कुछ सकारात्मकता की उम्मीद की थी। हमें ऐसा महसूस होता है कि केंद्र और राज्य ने हमारा इस्तेमाल मोहरे की तरह किया।'

जीजेएम भाजपा की सहयोगी है और उसी की मदद से भगवा दल ने वर्ष 2009 और वर्ष 2014 में दार्जिर्लिंग लोकसभा सीट जीती।

राय ने कहा, 'हम केंद्र के साथ कभी भी बैठने को तैयार हैं. राज्य के साथ शर्त यह होगी कि विश्वास बहाली के उपाय के तौर पर वे सभी बलों को वापस बुलाएं और हालात सामान्य होने दें। फिर हम बातचीत के लिए बैठेंगे जिसमें गोरखालैंड मुख्य एजेंडा होगा। '

स्थानीय भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए राय ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संकट की इस घडी में उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर रहने का फैसला लिया।

राय ने कहा, 'कहां हैं श्रीमान अहलूवालिया? उन्हें यहां होना चाहिए था, सभी का यही मानना है. संकट की इस घड़ी में उन्हें यहां होना चाहिए था। हमें उनसे बहुत ज्यादा निराशा हुई। '