पटना / नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार और वर्तमान में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी।

सीएम नीतीश कुमार ने कोविंद की बतौर राज्यपाल रहते काम की भूरि भूरि प्रशंसा की। नीतीश के मुताबिक सरकार और राज्यपाल कोविंद के बीच कभी टकराव की स्थिति पैदा नहीं हुई। बिहार में संवैधानिक पद पर रहते हुए कोविंद की छवि निष्पक्ष रही है।

व्यक्तिगत तौर पर नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति पद के लिए NDA उम्मीदवार चुने जाने पर खुशी जाहिर की। जब पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या उनकी पार्टी का समर्थन भी कोविंद को हासल है? इस पर नीतीश ने सियासी जलाब देते हुए कहा कि इस पर वे फिलहाल कुछ नहीं कहेंगे। कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

वहीं बिहार से दलित नेता और लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए सभी पार्टियों को रामनाथ कोविंद का समर्थन करना चाहिए। जो पार्टी ऐसा नहीं करेगी उसे दलित विरोधी समझा जाएगा।

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी की सभी क्षेत्रीय पार्टियों से अपील की है कि उत्तर प्रदेश के बेटे कोविंद का समर्थन करें। खासकर सपा, बसपा और यूपी की अन्य पार्टियों से योगी ने राजनीति से ऊपर उठकर रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की अपील की।

वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के सी राव ने अपनी पार्टी का समर्थन रामनाथ कोविंद की घोषणा की है। साथ ही इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी भी दे दी है।

उधर सीपीआई(M) नेता सीताराम येचुरी ने रामनाथ की उम्मीदवारी पर ऐतराज जताया। उनके मुताबिक रामनाथ कोविंद RSS की दलित शाखा के प्रमुख रहे हैं। लिहाजा वे सीधे सीधे भगवा ब्रिगेड से आते हैं और उनकी पार्टी का समर्थन उनके साथ नहीं होगा। सीताराम येचुरी ने जानकारी दी कि विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए 22 तारीख को बैठक कर नामों पर चर्चा करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद बेहतरीन राष्ट्रपति साबित होंगे और गरीबों एवं वंचित समुदायों के लिए काम करना जारी रखेंगे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने ऐलान किया है कि बिहार के राज्यपाल एवं भाजपा नेता रामनाथ कोविंद 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राजग के उम्मीदवार होंगे।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मुझे यकीन है कि कोविंद बेहतरीन राष्ट्रपति साबित होंगे और गरीबों एवं वंचित समुदायों की मजबूत आवाज बने रहेंगे।"

मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "कोविंद के कानूनी क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट अनुभव के साथ संविधान को लेकर उनके ज्ञान और उनकी समझ से देश को लाभ होगा।"

मोदी ने कहा कि किसान के बेटे कोविंद ने अपना पूरा जीवन गरीबों और वंचितों की सेवा में समर्पित कर दिया है।

72 वर्षीय कोविंद 23 जून को नामांकन दाखिल कर सकते हैं। यदि वह राष्ट्रपति बन जाते हैं तो वह के. आर. नारायणन के बाद दूसरे ऐसे राष्ट्रपति होंगे जिनका संबंध दलित समुदाय से है।