लखीसराय/पटना : बिहार सरकार ने लखीसराय जिले में चलती ट्रेन में छह लोगों द्वारा कथित रुप से सामूहिक बलात्कार करने और उसे बाहर फेंकने के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बताया कि जिला पुलिस द्वारा इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जबकि इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यहां नीतीश ने लखीसराय मामले पर पूछे गये एक प्रश्न पर कहा कि यह 'जघन्य अपराध' है। पुलिस अपनी कार्वाई कर रही है। सभी को यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मामले की गहराई से जांच हो। कोई भी गुनाहगार किसी भी कीमत पर बचना नहीं चाहिये।

लखीसराय जिला के चानन थाना अध्यक्ष सुनिल कुमार ने बताया कि किशोरी के साथ छह लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसे अपने साथ लेकर बंशीपुर रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन पर सवार हो गए ओर उसे क्यूल थाना क्षेत्र में ट्रेन के बाहर फेंक दिया। अगले दिन उसे रेल पटरी किनारे पडे होने की सूचना मिलने पर उसे इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते उसे बेहतर इलाज के पटना मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।

लखीसराय सदर अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके साथ कुल छह लोगों ने एक के बाद एक दुष्कर्म किया जिसमें दो की पहचान उसे मत्युजंय कुमार और संतोष कुमार के तौर की थी। इस मामले में लाखोचक गांव से कल गिरफ्तार किए गए संतोष कुमार को आज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नारायण दास के समक्ष पेश किए जाने पर उसे स्वयं के मात्र 14 साल का होने का दावा किया।

थाना अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में फरार मृत्युजंय कुमार पिछले साल अपने बड़े भाई की पत्नी की हत्या के मामले में भी आरोपी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है।