नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव के लिए लालकृष्ण आडवाणी की उम्मीदवारी की चर्चा अब फीकी पड़ने लगी है। इसस पहले इस पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बताते हुए आडवाणी की पोस्टर BJP पार्टी मुख्यालय सहित विभिन्न जगहों पर लगाए गए थे। जिन्हें अब फाड़ कर हटाया जा रहा है। अशोका रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय के बाहर इन पोस्टरों को फाड़कर परिसर में ही फेंक दिया गया।

जानकारी के मुताबिक ये पोस्टर अशोक तंवर के नाम से लगाए गए थे। तंवर ने खुद को गुर्जर समाज एवं किसान नेताओं का संयोजक लिखा है। राजधानी में दूसरी कई जगह भी ये पोस्टर लगे नजर आए। इन पोस्टर्स में लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बताया गया है। ये पोस्टर रायसीना रोड इलाके में लगाए गए हैं।

बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता की फजीहत पर कुछ लोग आपत्ति जताते हुए इसे अपमानजनक बता रहे हैं। पोस्टर में आडवाणी को बीजेपी का जनक और लौह पुरुष बताया गया है। जिसका आदर नहीं करते हुए इन पोस्टर्स को अपमानजनक तरीके से फाड़कर कूड़ेदान में डाल दिया गया।

इससे पहले पीएम मोदी के हवाले से लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति पद के लिए प्रबल दावेदार बताया जा रहा था। वहीं अब बदले हालात में आडवाणी का नाम लेने वाले नेता भी चुप्पी साध रहे हैं। आडवाणी के समर्थन में हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा ने मुखर आवाज उठाई। लेकिन उनकी आवाज भी नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह गई। शॉटगन की बात हल्के में ली गई क्योंकि इससे पहले भी वे पार्टी के फैसलों पर खुलेआम ऐतराज जता चुके हैं।

अभी तक बीजेपी ने राष्ट्रपति की उम्मीदवारी के लिए किसी नाम का एलान नहीं किया है।