नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र दाखिल कर कहा है कि वह स्वामीनाथन रिपोर्ट नहीं लागू करेगी, जिसमें किसानों से 50 फीसदी लाभ का वादा किया गया है। यह बात भाजपा और उसके सभी नेता छुपा रहे हैं, ताकि किसानों को धोखे में रखा जा सके।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा इस रिपोर्ट को लागू करने का वादा करके सत्ता में आई थी और अब वे इसे खारिज कर रहे हैं। 'वे किसानों को धोखा दे रहे हैं।'

केजरीवाल ने कहा, "इस बारे में अभी कोई नहीं जानता। हर किसान को यह बताया जाना चाहिए कि उन्हें कैसे धोखा दिया गया है। हम इस शपथपत्र को हर किसान के घर तक ले जाएंगे और यह हमारी पहली जिम्मेदारी होगी।"

उन्होंने कहा, "किसान कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपने काम का दाम मांग रहे हैं। हर किसी को यह शपथ लेनी चाहिए कि केंद्र सरकार से स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट लागू करवा कर रहेंगे। यह हमारी जिम्मेदारी है कि किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिले।"

सम्मेलन में आप के शीर्ष नेताओं के साथ 20 राज्यों के किसानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के पहले हिस्से में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई और दूसरे हिस्से में उसके समाधान पर चर्चा हुई।

केजरीवाल ने कहा कि इस सम्मेलन से यह निष्कर्ष निकला कि कृषि उत्पादन के विपणन और खरीद के लिए शीत भंडारण की स्थापना की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग गांव के निकट स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और उन्हें काम के लिए शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर किसानों की वर्तमान समस्याओं पर चर्चा कराई जानी चाहिए और यह केवल चर्चा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हल निकाला जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि आंदोनकारी किसानों से राज्य सरकारें कह रही हैं कि स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट केंद्र सरकार ही लागू कर सकती है, इसके लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि वह स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर जल्द ही प्रधानमंत्री से मिलेंगे, जबकि माजरा कुछ और ही है।