कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) द्वारा की जा रही तोड़-फोड़ की निंदा की और कहा कि उनकी सरकार अनुकूल माहौल में जीजेएम के साथ बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है।

ममता ने कहा कि दार्जिलिंग में बढ़ती अशांति पर चर्चा के लिए 22 जून को सिलिगुड़ी में सर्वदलीय बैठक होगी। जीजेएम ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है।

जीजेएम की हिंसा पर बरसते हुए ममता ने कहा, "राज्य के उत्तरी पहाड़ी इलाके में हो रही हिंसा गहरी साजिश का परिणाम है। भारी मात्रा में विस्फोटक तथा हथियार एक दिन में नहीं आ सकता। वहां अंतर्राष्ट्रीय व राज्य सीमा है। वे संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं। वे केवल बम फेंक रहे हैं। उन्होंने अवैध हथियारों व बमों का जखीरा जमा कर रखा है।"

ममता ने कहा कि राज्य सरकार अनुकूल माहौल में जीजेएम के साथ वार्ता करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, "हम तैयार हैं, लेकिन मौजूदा हालात में नहीं।"

ममता ने आरोप लगाया कि जीजेएम के पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूहों तथा विदेशियों से संपर्क हैं।

उन्होंने कहा, "पुलिस के माध्यम से हमें पता चला है कि उनका उग्रवादियों से संबंध है। मुझे बताया गया है कि उनके पूर्वोत्तर भारत के अंडरग्राउंड उग्रवादियों से संबंध हैं। मैंने आग्रह किया है कि दार्जिलिंग में उन्हें समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।"

ममता ने कहा, "विकास कार्य जारी रहेगा और पहाड़ी क्षेत्र में गहरी साजिश का अंत होना चाहिए। इस मुद्दे पर केंद्र तथा राज्य सरकार को साथ आना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "शांति बरकरार रखने के लिए बोर्ड के सदस्यों ने एक कमेटी का गठन किया है।"