नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक टीम 2007 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितयों में हुई मौत की जांच के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची।
सीबीआई ने शुक्रवार को हत्या का मामला दर्ज किया और उत्तर प्रदेश सरकार के निवेदन तथा केंद्र सरकार की अधिसूचना के आधार पर जांच अपने जिम्मे लिया। अनुराग का शव एक महीने पहले लखनऊ में एक अतिथि गृह के बाहर पाया गया था। प्राथमिकी के मुताबिक, अनुराग की मौत पर उनके भाई मयंक तिवारी ने साजिश की आशंका जताई है।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, "सीबीआई अधिकारियों के एक दल ने आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की हत्या की जांच को लेकर आज (शनिवार) लखनऊ का दौरा किया। हमने शुक्रवार रात हत्या का मामला दर्ज किया।"
सीबीआई ने जांच का जिम्मा उत्तर प्रदेश पुलिस से लिया है। पुलिस ने 22 मई को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में मयंक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अनुराग 17 मई को लखनऊ में मृत पाए गए थे।

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कर्नाटक कैडर के अधिकारी बेंगलुरू में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे। उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी अनुराग आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण के सिलसिले में पिछले कुछ दिनों से लखनऊ में थे। स्थानीय पुलिस को दिए अपने बयान में मयंक ने कहा है कि अनुराग ने उन्हें कर्नाटक में एक घोटाले को उजागर करने के बारे में बताया था और उनपर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का बेहद दबाव था।

उन्होंने पुलिस से कहा कि एक बार अनुराग ने अपनी जान को भी खतरा बताया था। इस महीने की शुरुआत में अनुराग के परिजनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और सीबीआई से मामले की जांच कराने को कहा था।