मुंबई : शिवसेना ने आज कहा कि अगर भाजपा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने के लिए तैयार नहीं होती है तो वह जाने-माने कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन के नाम की सिफारिश सर्वोच्च पद के लिए करेगी।

शिवसेना भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी है। वह लगातार अगले राष्ट्रपति के लिए मोहन भागवत के नाम की वकालत कर रही है। शिवसेना ने अपने रख में बदलाव कर लिया जब आरएसएस प्रमुख ने हाल में देश का संवैधानिक प्रमुख बनने से इंकार कर दिया।

66 वर्षीय भागवत ने हाल में कहा था कि उनकी राष्ट्रपति पद में दिलचस्पी नहीं है।

शिवसेना ने इससे पहले कहा था कि देश को एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो हिंदू राष्ट्र के रुप में इसकी किस्मत पर मुहर लगा सके।

उसने हाल में महाराष्ट्र में किसानों की हड़ताल को लेकर भाजपा की आलोचना भी की और सहयोगी दल से इससे सबक लेने को कहा। किसानों ने हाल में पूर्ण कर्ज माफी और लाभप्रद कीमतों की मांग को लेकर महाराष्ट्र में हड़ताल की थी।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा, आज न सिर्फ महाराष्ट्र में बल्कि देशभर में किसान संकट में हैं। देश के कई हिस्सों में किसान विरोध में सड़क पर उतरे हैं। अगर सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करती है तो किसानों को काफी लाभ होगा।

हाल में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ हड़ताल पर गए किसानों ने पूर्ण कर्ज माफी के साथ स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग की थी।

राउत ने कहा, उनकी सारी सिफारिशें स्वीकार की जानी चाहिये और उसे तत्काल लागू किया जाना चाहिये।

उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट की सारी सिफारिशें सिद्धांत रुप में लागू करने पर सहमति जताई थी। सत्ता में आने के बावजूद उन्होंने अपने वादे पूरे करने का आश्वासन दिया था।

राउत ने कहा, इसलिये उनके जैसा प्रबुद्ध शख्सियत राष्ट्रपति बनने के लिये उपयुक्त है। अमित शाह जब मातोश्रीे में उनसे मिलेंगे तो उद्धवजी उनके नाम की सिफारिश करेंगे।