हैदराबाद: हैदराबाद के आरामघर स्थित एक रिहैबिलिटेशन सेंटर का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें एक महिला को चेन से बांधा हुआ है। शर्मनाक ये कि महिला के तन बमुश्किल ढके हुए हैं। सेंटर के इस रवैये की काफी आचोलना हो रही है।

साइबराबाद पुलिस ने घटना को लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं। रीमा (बदला हुआ नाम) की उम्र करीब तीस साल बताई जाती है जो आरामघर रिहैबिलिटेशन सेंटर में बीते दो सालों से रह रही है। सड़क पर यूं ही घूमते हुए उसे पाया गया था। तब उसे रिहैबिलिटेशन सेंटर में दाखिल कराया गया।

हालांकि रिहैबिलिटेशन सेंटर संचालित करने वाली संस्था ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। संस्था की सुपरिटेंडेंट बाशा ने कहा है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसकी हिंसक प्रवृत्ति को देखते हुए ही उसे जंजीरों से बांधा गया है।

वहीं हैदराबाद में ही प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. प्रसाद राव का कहना है कि आधुनिकता के इस जमाने में किसी मरीज को चेन से बांधने की दरकार नहीं है। कई ऐसी दवाएं उपलब्ध हैं जिससे मरीज के हिंसक व्यवहार पर काबू पाया जाता है। इस घटना को लेकर डॉ राव ने भी हैरानी जाहिर की है।

महिला की बुरी हालत को देखते हुए तेलंगाना स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने महिलाको कस्तूरबा गांधी नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इलाज के नाम पर निर्वस्त्र करके चेन से बांधना कतई सही नहीं है।