हैदराबाद: देश में ही बिरयानी के लिए प्रसिद्ध हैदराबाद का नाम अब मांसाहार में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि हैदराबाद का नाम बिरयानी के साथ-साथ मोघल, दक्कन, ईरानी पार्सियन व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्ध है। अब मटन, चिकेन, बीफ, मछली, झिंगे जैसे मांसाहार में हैदराबाद का नाम प्रसिद्ध हो गया है। देश भर में अनुपात के हिसाब से प्रति व्यक्ति एक साल में पांच किलोग्राम मांस खाता है, जबकि ग्रेटर हैदराबाद में प्रति व्यक्ति 31 किलोग्राम मांस का सेवन कर रहा है। पौल्ट्री फाउण्डेशन एवं ब्रीडर्स असोसिएशन द्वारा किये गए एक सर्वेक्षण में इस बात का खलासा किया है।

कुतुबशाही के साथ हैदराबाद में कदम रख चुकी बिरयानी, अब विश्व के 80 देशों में मुख्य नॉनवेज व्यंजन बन गया है। हैदराबाद में अनेक होटल बिरयानी के प्रसिद्ध हैं। नगर में मटन, चिकेन, बीफ व फिश की बिरयानी धड़ल्ले से बिक रही है। साथ ही मकानों में भी चिकेन का उपयोग भी अधिक मात्रा में होता है। हैदराबाद में प्रतिदिन लाखों किलोग्राम की मांस की बिक्री होती है।

नगर में प्रतिदिन 6.66 किलोग्राम चिकेन की बिक्री हो रही है। इनमें मटन, मछली व बीफ को मिलाया जाएं तो प्रतिदिन 8.66 किलोग्राम की बिक्री हो रही है अर्थात प्रति माह 2,59,80.000 लाख किलोग्राम मांस की बिक्री हो रही है।

हैदराबाद व रंगारेड्डी परिधि में चार करोड़ किलोग्राम चिकेन का उत्पादन होता है। इन में से दो करोड़ ग्रेटर हैदराबाद में उत्पादन होता है। चिकेन के उपयोग में हैदराबाद के बाद मुंबई दूसरे स्थान पर है।