वाराणसी: लंबे समय से मीडिया में सुर्खियां रही भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की चोरी हुई शहनाई आखिरकार मिल गई। आपको जानकर हैरानी होगी कि आरोपी खुद उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का पोता ही निकला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए सरकार ने एसटीएफ को लगाया था। पुलिस जब मामले की तह तक गई तो पता चला कि पोता ने ही दादा की विरासत पर हाथ साफ किया था। पुलिस ने दिवंगत खान के पोते को गिरफ्तार कर लिया है।

पूरे मामले में अफसोस इस बात का है कि चोरी हुई चार शहनाई में से तीन शहनाई जो चांदी की थीं उन्‍हें उनके पोते ने सोनार को देकर गलवा दिया। सिर्फ एक ही शहनाई बरामद हुई है जो लकड़ी की थी।

पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी मिली है कि उस्ताद का पोता बुरी लत का शिकार था, और पैसों के लिए उसने अपने ही दिवंगत दादा की शहनाई चुरा ली। इसके बाद 17 हजार रूपये में इसे सर्राफा के यहां बेच दिया। सोनार के यहां बकाया 4 हजार के लिए ये लगातार तगादा कर रहा था। जिससे एसटीएफ को शक हुआ, और आरोपी पकड़ा गया।

आरोपी के पिता नजरे हसन ने कहा कि कुल चार शहनाई थी जिसमे एक पर चांदी का पानी चढ़ा था। पिता ने ये भी कहा कि आरोपी इससे पहले भी दादा बिस्मिल्लाह खान के जेब में अक्सर रूपये चुराता था, जब वो छोटा था। लेकिन बड़े होने के बाद उसने ऐसे कांड को अंजाम दिया। जिसकी वजह से उसे जेल जाना पड़ा।

एसटीएफ ने एक किलो गली हुयी चांदी के साथ लकड़ी की शहनाई बरामद की है और उस्ताद के पोते के साथ सर्राफा व्यवसायी शंकर सेठ और एक अन्य आरोपी सुजीत को गिरफ्तार किया है।