पटना: राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जेपी सेनानी सम्मान पेंशन की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत उन्हें हर महीने बिहार सरकार 10 हजार रुपए बतौर पेंशन देगी।

बता दें कि बिहार सरकार ने साल 2015 में जयप्रकाश नारायण के नाम से ये पेंशन योजना शुरू की थी। जिसके तहत एमरजेंसी के समय जिन लोगों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण का साथ दिया था और जेल भी गए थे। उन्हें जेपी सेनानी सम्मान पेंशन का हकदार माना गया। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद भी जेपी आंदोलन के जरिए ही सक्रिय नेतागिरी में आए हैं। छात्र नेता रहे लालू प्रसाद 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति के दौरान मीसा के तहत जेल गए थे। इस तरह लालू प्रसाद नियमों के मुताबिक जेपी सेनानी पेंशन के हकदार थे। जिसके लिए लालू ने जब अर्जी दी तो इसे तत्काल मंजूर भी कर लिया गया।

नियमों के मुताबिक एमरजेंसी के दौरान आंदोलन के चलते जिन लोगों ने एक से छह महीने की जेल की सजा काटी थी, उन्हें 5 हजार रुपए महीना, इसके अलावा जिन लोगों ने छह महीने से अधिक समय जेल में गुजारा था, उनके लिए 10 हजार रुपए पेंशन का प्रावधान है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक लालू प्रसाद दूसरी श्रेणी में आते हैं। लिहाजा वे 10 हजार रुपया महीना पेंशन के हकदार हैं। फिलहाल इस योजना के तहत भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी सहित कुल 3100 लोग पेंशन पा रहे हैं।