शिमला: लोकप्रिय पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली, चंबा और डलहौजी का बर्फबारी की वजह से दो दिनों तक हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों से संपर्क टूटे रहने के बाद रविवार को यातायात बहाल कर दिया गया।

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और प्रभावित पर्यटकों का आवागमन अब सामान्य हो रहा है।

शिमला और मनाली में बिजली और पानी की आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है।

लोक निर्माण के मुख्य इंजीनियर ए.के. कोहली ने एक बयान में कहा कि शिमला-मनाली और शिमला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुख्य मार्गो को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कुफरी और डलहौजी के लोकप्रिय पर्यटक स्थलों पर भी यातायात बहाल कर दिया गया है। करीब 70 से ज्यादा प्रमुख मार्गो को विभाग ने शुरू करा दिया है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अधिकारियों को प्रमुख मार्गो को प्राथमिकता के तौर पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

शिमला में 53 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां तापमान शून्य से नीचे 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अधिकतम तापमान 6.9 डिग्री रहा।

किन्नौर जिले के कल्पा में तापमान शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा और धर्मशाला में यह 6.8 डिग्री रहा।

अधिकारी ने बताया कि किन्नौर जिला और शिमला के नारकंडा, जुब्बल, खड़ापठार, रोहरु और चोपाल समेत कई शहरों का भी भारी भर्फबारी के कारण संपर्क टूट गया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित कोई भी बस शिमला के ऊपरी इलाकों में नहीं चलाई जा रही क्योंकि कुफरी और नारकंडा के बीच बड़ी संख्या में गाड़ियां फंसी हुई हैं।

अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गो और प्रमुख सड़कों से बर्फ हटाने का काम जारी है।

बीते 24 घंटों में धर्मशाला, पालमपुर, सोलन, ऊना, हमीरपुर और मंडी जैसे निचले इलाकों में बारिश होने से तापमान में और गिरावट दर्ज हुई है।

एक मौसम विज्ञानी के मुताबिक, "किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति, शिमला, कुल्लू और चंबा जिलों समेत पूरे क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में भारी बर्फबारी हुई है।"

भूस्खलन होने की आशंका के चलते सरकार ने पर्यटकों को ऊंची पहाड़ियों पर न जाने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ सोमवार से वापस हटना शुरू हो जाएगा।