लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में अपार सम्भावनाओं को रेखांकित करते हुए उद्यमियों को राज्य में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। योगी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए अलग से नीति बनाकर लागू करने के साथ ही इस क्षेत्र में सम्भावनाओं का फायदा उठाने के लिए सेक्टरवार नीतियां बनाकर लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री यहां इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश उद्यमी महासम्मेलन-2018 के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र पर केन्द्रित विशिष्ट योजना 'एक जनपद-एक उत्पाद' लागू की है। इस योजना के सम्बन्ध में अगले माह एक विराट सम्मेलन आयोजित जाएगा।

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उन्होंने उद्यमियों को हर सम्भव सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रदेश में उद्यम लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र द्वारा कम पूंजी में अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जाते हैं। इस क्षेत्र में रोजगार के असीम अवसरों को देखते हुए राज्य सरकार 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना में केन्द्र और प्रदेश की योजनाओं को जोड़कर दो करोड़ युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से स्वाबलम्बन की ओर अग्रसर करेगी।

योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 जुलाई को पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश में हर तरह के उद्यम को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को प्रधानमंत्री द्वारा लखनऊ में 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद प्रयास होगा कि हर तीन महीने में इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति दी जाए।

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योगी ने कहा कि राज्य सरकार यूपी इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश में डिफेन्स इण्डस्ट्रीयल कारिडोर की स्थापना की घोषणा को समयबद्ध ढंग से साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए निरन्तर कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सुरक्षा की गारण्टी आवश्यक है। वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण उपलब्ध कराया है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को दिशा मिली है।

उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए पर्यावरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। पालिथीन और प्लास्टिक ड्रेनेज सिस्टम को चोक करके स्वच्छता की राह में सबसे बड़ी बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक आधारित विकास का विकल्प तलाशने की जरूरत है। इसके लिए सभी के सहयोग को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा माडल अपनाया जाना चाहिए जो टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल हो।

कार्यक्रम में इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील वैश्य, महासचिव के के अग्रवाल, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचौरी, मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह मौजूद थे।