नोएडा : कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में दुनिया के मानचित्र पर सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री होने का टैग चीन या दक्षिण कोरिया के पास नहीं है और अमेरिका के पास भी नहीं है, बल्कि यह भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के शहर नोएडा के नाम है।

नोएडा के सेक्टर 81 में स्थित सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की 35 एकड़ में फैली इस फैक्ट्री का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन आज करेंगे। उनके हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए फैक्ट्री के पास ही हेलीपैड बनाया गया है। इस मौके पर तमाम मिथक तोड़ते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ एक बार फिर नोएडा जाएंगे।

देश में 1990 के दशक की शुरुआत में पहला इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण केंद्र स्थापित हुआ, जिसमें 1997 में टीवी बनना शुरू हुआ। मौजूदा मोबाइल विनिर्माण इकाई 2005 में लागई गई। पिछले साल जून में दक्षिण कोरियाई कंपनी ने 4,915 करोड़ रुपये का निवेश कर नोएडा संयंत्र में विस्तार करने की घोषणा की, जिसके एक साल बाद नई फैक्ट्री अब दोगुना उत्पादन के लिए तैयार है।

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भारत में कंपनी इस समय 6.7 करोड़ स्मार्टफोन बना रही है और नये संयंत्र के चालू हो जाने पर तकरीबन 12 करोड़ मोबाइल फोन का विनिर्माण होने की संभावना है। नई फैक्ट्री में न सिर्फ मोबाइल बल्कि सैमसंग के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे रेफ्रिजरेटर और फ्लैट पैनल वाले टेलीविजन का उत्पादन भी दोगुना हो जाएगा और कंपनी इन सारे सेगमेंट में अग्रणी की भूमिका में बनी रहेगी।

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, नई फैक्ट्री से सैमसंग बाजार में कम समय में उत्पाद उतारने में सक्षम होगी। पाठक ने बातचीत में कहा, इससे सैमसंग को अनुसंधान एवं विकास के जरिये डिवाइस में कुछ स्थानीय फीचर लाने में मदद मिलेगी।

सैमसंग के भारत में दो विनिर्माण संयंत्र, नोएडा और तमिलनाडु के श्रीपेरुं बदूर में, हैं। इसके अलावा पांच अनुसंधान व विकास केंद्र और नोएडा में एक डिजाइन केंद्र हैं निमें 70,000 लोग काम करते हैं। कंपनी ने अपने नेटवर्क को बढ़ाया है और 1.5 लाख रिटेल आउटलेट खोले हैं।

-आईएएनएस