वाशिंगटन : वैज्ञानिकों ने कैंसर ( मल्टीपल माइलोमा ) के लिए प्लास्टिक चिप वाला सस्ता और भरोसेमंद रक्त परीक्षण इजाद किया है जो दर्द वाले बोन बायोप्सी को अतीत की चीज बना सकता है। अमेरिका के कंसास विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि प्लाज्मा कोशिकाओं को प्रभावित करने वाले कैंसर मल्टीपल माइलोमा के नैदानिक परीक्षण और उपचार के तहत रोगियों को फिलहाल पीड़ाजनक बोन बायोप्सी से गुजरना होता है।

ये भी पढ़ें--

बच्चों के टीवी देखने के समय अधिक प्रसारित होते हैं जंक फूड के विज्ञापन

भारतीय वैज्ञानिकों ने डेंगू के इलाज के लिए बनाई आयुर्वेदिक दवाई

वर्तमान प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर बोन मैरो का सैंपल लेने के लिए चीरा लगाकर उसके अंदर बायोप्सी सूई डालते हैं या फिर बड़ा चीरा लगाते हैं और सर्जरी कर हड्डी का एक हिस्सा निकाल लेते हैं। इंटीग्रेटिव बॉयोलाजी नामक पत्रिका के अनुसार नये परीक्षण में क्रेडिट कार्ड के आकार का एक छोटा सा प्लास्टिक चिप उपयोग किया जाता है ।

वह बस थोड़ा सा रक्त लेता है और बोन बायोप्सी जैसी ही जानकारी देता है। कंसास विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्टीवन सोपर ने कहा कि पिछले दस सालों से हम कैंसर रोगों - जिनमें एक मल्टीपल माईलोमा है , के लिए रक्त आधारित परीक्षण विकसित कर रहे हैं। हम बोन मैरो बायोप्सी की जरुरत हटाने में कामयाब होंगे और प्रयोगशाला परीक्षक को रक्त नमूने का इस्तेमाल कर इस रोग का इलाज करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका तय करने देंगे।