नोबेल पुरस्कार प्राप्त मशहूर हस्ती दलाई लामा का निवासस्थान हिमालय की वादियों बसे हुए मैकलॉडगंज के नामग्याल मोनेस्ट्री में है। यहां 14वें दलाई लामा के घर के अलावा मॉनेस्ट्री और तांत्रिक कॉलेज है।

1959 में चीन के तिब्बत पर कब्जा करने के बाद लामा समेत हजारों तिब्बती भारत आ गए थे। इनमें 55 भिक्षु भी शामिल थे, जो तिब्बत की पवित्र जगह नामग्याल मॉनेस्ट्री से थे। दलाई लामा को भारत में राजनीतिक शरण मिलने के बाद इन्हीं भिक्षुओं ने मैकलॉडगंज में नामग्याल मोनेस्ट्री की स्थापना की।

बीते 50 सालों से यहां बड़ी संख्या में तिब्बती माइग्रेंट्स रह रहे हैं, जिस कारण इसे अब 'लिटिल ल्हासा' कहा जाने लगा है। यहां बुद्ध धर्म, मेडिटेशन और योग की पढ़ाई भी होती है। यहां हर शाम भिक्षुओं के बीच ह्यूमर डिबेट होती है, जिसे टूरिस्ट भी देख सकते हैं।