चन्नई : क्या आप घर में पुड़ी, भुजिया आदि का तेल सोखने के लिए न्यूज़पेपर का इस्तेमाल करते हैं? क्या आप सड़क किनारे ठेलों पर कुछ भी खा लेने के बाद न्यूज़पेपर से हाथ पोंछ लेते हैं? अगर आपका जवाब 'हां' में है तो यह खबर आपके लिए ही है।

ऐसा करने पर ग्राफाइट आपके शरीर के भीतर चला जाता है। कागज़ पर छपाई के लिए जिस इंक का इस्तेमाल होता है उसमें ग्राफाइट होता है। जब तक कागज़ सूखा रहेगा तो कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन वह जरा भी गीला हो जाता है तो ज्यादा खतरनाक हो जाता है, ऐसा वैज्ञानिकों का कहना है।

घरों में जब भी स्नैक्स बनाए जाते हैं तो उनमें से तेल सोखने के लिए लोग आमतौर पर पुराने न्यूज़पेपर्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि इससे सेहत को गंभीर नुकसान होगा। ग्राफाइट से गुर्दा, कलेजा जैसे अहम अंगों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ हड्डियों और ऊतकों के विकास में बाधा पहुंचेगा। आमतौर पर हमारे शरीर में पहुंचने वाले विभिन्न विषैले पदार्थ मलविसर्जन के साथ बाहर चले जाते हैं। लेकिन ग्राफइट के साथ दिक्कत यह है कि यह शरीर के अंदर पहुंचता है तो वहीं डेरा डाले रहता है।

इसलिए बेहतर यही होगा कि न्यूज़पेपर्स का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ने के लिए ही करें।