वाशिंगटन : अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के बीच बैठक तभी होगी, जब प्योंगयांग मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर अपने वादे पूरे करेगा।

पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व में उसके एक प्रतिनिधिमंडल ने एक बैठक के लिए किम के न्योते से ट्रंप को अवगत कराया था। इस न्योते को ट्रंप ने स्वीकार कर लिया था, जिससे दुनिया हतप्रभ रह गई। उत्तर कोरिया के नेता ने परमाणु अप्रसार के प्रति कथित तौर पर प्रतिबद्धता जताई है। ट्रंप ने कहा कि किम ने बैठक होने तक मिसाइल परीक्षण नहीं करने का भी वादा किया है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें पूरी उम्मीद है कि यह बैठक होगी। बैठक का प्रस्ताव किया गया और यह स्वीकार हो गया। उत्तर कोरिया ने कई वादे किए हैं और हमें आशा है कि वे अपने वादों पर कायम रहेंगे। और यदि ऐसा होता है तो बैठक योजना के अनुसार होगी।''

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इस बीच ट्रंप प्रशासन बैठक के लिए कई स्तरों पर तैयारी कर रहा है। सैंडर्स ने कहा कि उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव काम कर रहा है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक से संबंधित विभिन्न सवालों के जवाब में सारा ने कहा, ‘‘इसका ज्यादातर हिस्सा अंतर-प्रशासनिक, अंतर-एजेंसी प्रक्रिया है और मैं आज इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दूंगी कि कहां, कब, और क्या।''

इस बीच, न्यूयॉर्क में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एचआर मैकमास्टर और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने उत्तर कोरिया की स्थिति से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् को अवगत कराया।