कहते हैं कि आंवले में सारे रोग दूर करने के गुण व शक्ति होती है। आंवला युवकों को भी यौवन शक्ति प्रदान करता है तथा बूढ़ों को युवा जैसी शक्ति देता है। बशर्ते आंवला किसी न किसी रूप में रोज सेवन करें। आंवले में विटामिन सी भरपूर होता है। हर इंसान को प्रतिदिन 50 मिली ग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। आंवले का मुरब्बा ताकत देने वाला होता है।

1. गर्भवती स्त्रियों को आंवला अवश्य लेना चाहिये। किसी भी रूप में लें।

2. आंवला एक अण्डे से अधिक बल देता है।

3. आंवला ब्लडप्रेशर वालों के लिये लाभप्रद है।

4. आंवला टूटी हड्डियों को जोड़ने वाला है।

5. जिन्हें नकसीर होता हो (नाक से खून) सूखा आंवला रात में भिगाकर उस पानी से सर धोयें। आंवले का मुरब्बा खायें। आंवले का रस नाक में टपकायें।

6. आंवले का चूर्ण मूली में भरकर खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है।

7. आंवले के रस में शहद मिलाकर खाने से मधुमेह में लाभ होता है।

8. रात के आंवले का चूर्ण भीगो कर पानी पीये सुबह पेट साफ होता है। पाचन शक्ति बढ़ती है।

9. नित्य 1-2 ताजे आंवले का रस पीने से पेट के कीड़े नष्ट होते हैं। पांच दिन तक बराबर पियें।

10. जो लोग स्वस्थ रहना चाहते हैं वो ताजा आंवला का रस शहद में मिलाकर पीने के बाद ऊपर से दूध पियें इससे स्वास्थ अच्छा रहता है। दिन भर प्रसन्नता का अनुभव होता है। नई शक्ति व चेतना देता है। यौवन बहार आयेगा।

11. आंवले का रस पीने से नेत्र ज्योति बढ़ती है।

12. गर्भावस्था में उल्टी हो रही हो, तो आंवले का मुरब्बा खायें।

13. आंवले के चूर्ण का उबटन चेहरे पर लगाये चेहरा साफ होगा दाग धब्बे दूर होंगे।

14. गर्मियों में चक्कर आता हो जी घबराता हो तो आंवले का शर्बत पियें।

15. आवाज बैठ गई हो, तो पिसे आंवले की फंली लें।

16. आंवले में बाल करने के गुण है। आंवला बहुत खट्टा इसलिये सफाई अच्छी करता है बालों की। साथ रोज आंवले का सेवन करें।

17. बुढ़ापा दूर रखता है। सूखे आंवले का चूर्ण 2 चम्मच रोज रोटी में रखकर खायें। बुढ़ापा दूर रहेगा।

सर्दियों में आंवला खाने के फायदे ...

आंवले को बहुत ही गुणकारी माना जाता है लेकिन आंवले का सबसे बड़ा गुण यह है कि इसे पकाने के बाद भी इसमें मौजूद विटामिन सी खत्म नहीं होता। वैसे तो आंवला हर मौसम में ही फायदा पहुंचाता है। लेकिन ठंड के मौसम आंवले खाने के कुछ विशेष फायदे होते हैं।

आंवले में क्रोमियम काफी मात्रा में होता है, आंवला हरा, ताजा हो या सुखाया हुआ पुराना हो, इसके गुण नष्ट नहीं होते। इसकी अम्लता इसके गुणों की रक्षा करती है। आयुर्वेद में आंवले को रसायन माना जाता है। च्यवनप्राश आयुर्वेद का प्रसिद्ध रसायन है, जो टॉनिक के रूप में आम आदमी भी प्रयोग करता है।